उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण के आरोप में बंदी बनाए गए आठ धर्मांधों पर भारत के विरुद्ध युद्ध छेडने का आरोप !

ऐसे लोगों को मृत्युदंड मिले, इसलिए, उत्तर प्रदेश सरकार को प्रयास करना चाहिए  !

‘बीबीसी मराठी’ ने व्यंग्यचित्र में हिन्दू को दिखाया हिंसक !

व्यंग्य-चित्र में, एक अभिभावक अन्य अभिभावकों से कहते हैं, ‘हमारा पुत्र अत्यंत धार्मिक है । यह लोगों को मार-मारकर उनसे भगवान का नाम कहलवाता है ।’

भारत में हिन्दुओं के धर्मांतरण हेतु सक्रिय गिरोह के २ धर्मांध गिरफ्तार !

इन दोनों आरोपियों को धर्मांतरण का कार्य करने हेतु हवाला के माध्यम से ६० करोड रुपए मिले थे, साथ ही उन्होंने ५ राज्यों में १०३ मस्जिदों का भी निर्माण किया है, यह जांच से उजागर हुआ है ।

बिहार में ईसाई धर्मप्रसारकों द्वारा पिछले ३ वर्षाें में १० सहस्र हिन्दुओं का धर्मांतरण !

अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोग धर्मांतरण के सर्वाधिक चपेट में !

मेवात (हरियाणा) जनपद में मौलानाओं के द्वारा हिन्दू युवक का धर्मांतरण

धर्मांधों द्वारा ‘मूर्तिपूजा में कोई दम नहीं’ का वक्तव्य !
गोमांस खाना अस्वीकार करने पर धर्मांधों ने की मारपीट

झारखंड के जमशेदपुर में एक मंदिर में ईसा मसीह की छवि लगाने को लेकर तनाव !

जमशेदपुर के बिष्टपुर गुरुद्वारा क्षेत्र के राधाकृष्ण मंदिर में ईसा मसीह की छवि लगाने को लेकर तनाव निर्माण हुआ । यह छवि मंदिर समिति के एक संचालक ने लगाई थी ।

वाराणसी में हिंदू परिवारों का धर्म परिवर्तन करने का प्रयास करने वाले तीनों ईसाइयों को हिरासत में लिया !

विजय कुमार और किरण दंपत्ति और तमिलनाडु के कन्याकुमारी से आए नील तुरै ऐसे हिरासत में लिए गए तीनों के नाम है ।

८१ हिन्दू परिवारों को पलायन करने की चेतावनी !

मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) – यहां के लाजपतनगर शिवविहार कोलोनी में धर्मांधों की दहशत के कारण ८१ हिन्दू परिवारों ने ‘घर बेचना है’, ऐसे पोस्टर लगाए हैं । इस कालोनी के दोनों मुख्य प्रवेश द्वारों के क्षेत्र के घर धर्मांधों ने खरीदे हैं ।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति के किसी भी व्यक्ति काे धर्मांतरण करने पर उनके लिए बनाई गई योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा ! – केन्द्र सरकार

आंध्रप्रदेश में धर्मांतरण करने वालों को भी मिलेंगे अनुसूचित जातियों एवं जनजातियों के लिए दिए जाने वाले लाभ !

वापी (गुजरात) के २१ धर्मांतरित ईसाई परिवारों ने हिन्दू धर्म स्वीकारा !

लालच दिखाने के कारण ईसाई धर्म को स्वीकार किया था !