बंगाल में ‘द केरल स्टोरी’ चित्रपट पर प्रतिबंध !
तृणमूल कांग्रेस सरकार के इस निर्णय के विरोध में पुरे देश के धर्मप्रेमी और राष्ट्रप्रेमी हिन्दुओं को आवाज उठाना आवश्यक है । यहा हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारो को दबाने की तानाशाही है ।
तृणमूल कांग्रेस सरकार के इस निर्णय के विरोध में पुरे देश के धर्मप्रेमी और राष्ट्रप्रेमी हिन्दुओं को आवाज उठाना आवश्यक है । यहा हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारो को दबाने की तानाशाही है ।
ममता बनर्जी ने दंगों के लिए हिन्दुओं को ठहराया उत्तरदायी ! क्या संविधान में लिखा है कि मुसलमान बहुल क्षेत्रों में हिन्दू अपनी धार्मिक शोभायात्राएं न निकालें ? यह भारत है या बांग्लादेश ?
यदि भाजपशासित राज्या में ऐसे दंगे होते, तो अभी तक देश के सभी ढोंगी निरपेक्षतावादी तथा पुरो(अधो)गामी राजनीतिक पार्टियां एवं संगठनों ने कोलाहल मचाया होता |
बंगाल की तृणमूल कांग्रेस की हिन्दूद्रोही एवं कानूनद्रोही सरकार ! अब तो केंद्र सरकार को बंगाल के हिन्दुओं की रक्षा के लिए राष्ट्रपति शासन लागू करना आवश्यक है !
बंगाल जिहादी गतिविधियों का केंद्र बन गया है और इस प्रकार भारत की सुरक्षा धोखे में है । इसे ध्यान में रखते हुए वहां राष्ट्रपति शासन लागू किया जाना चाहिए !
तृणमूल कांग्रेस के बंगाल में कानून और सुरक्षा व्यवस्था के तीन तेरा! केंद्र सरकार को अब हस्तक्षेप करना ही चाहिए और बंगाल में तुरंत राष्ट्रपति शासन लागू करना चाहिए !
कट्टर मुसलमानों को ‘रमजान के समय में हिन्दुओं पर मस्जिद से आक्रमण करने को किसने कहा था ?’, ममता बनर्जी इसका शोध क्यों नहीं करतीं ?
इससे तृणमूल कांग्रेस के राज्य में चरमराई कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था दिखाई देती है । यदि पुलिस एक महत्त्वपूर्ण संस्था के अध्यक्ष की पिटाई करती है, तो साधारण लोगों के साथ वह कैसा आचरण करती होगी, इसका विचार न करना ही अच्छा !
बंगाल के हिन्दुओं का दुर्भाग्य है कि उनको निरंतर धर्मांधों का पक्ष लेकर हिन्दुओं की उपेक्षा करनेवाली मुख्यमंत्री मिली है । इसे रोकने के लिए हिन्दुओं को तृणमूल कांग्रेस का राजनीतिक अस्तित्व समाप्त करने के लिए प्रयास करना आवश्यक !
बागची ने कहा, ‘यदि मुख्यमंत्री व्यक्तिगत स्तर पर हमारे नेताओं की आलोचना करती हैं, तो हम भी इस पुस्तक का संदर्भ लेकर व्यक्तिगत स्तर पर मुख्यमंत्री की आलोचना करेंगे ।’