ओडिशा में हुई भयानक रेल दुर्घटना में मृतकों की संख्या २९० से अधिक !

१ सहस्त्र से अधिक यात्री घायल !
मरने वालों की संख्या बढने की आशंका !
प्रधान मंत्री मोदी ने घटनास्थल का दौरा किया !

‘द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल’ चलचित्र के निर्देशक पर अपराध प्रविष्ट !

बंगाल में लोकतंत्र नहीं, अपितु तानाशाही है, इसका और एक उदाहरण ! ‘द केरल स्टोरी’ चलचित्र पर प्रतिबंध लगाने पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा फटकार लगाने पर भी तृणमूल कांग्रेस सरकार पर कोई परिणाम नहीं हुआ ।

बंगाल में ‘द केरल स्टोरी’ चित्रपट पर प्रतिबंध !

तृणमूल कांग्रेस सरकार के इस निर्णय के विरोध में पुरे देश के धर्मप्रेमी और राष्ट्रप्रेमी हिन्दुओं को आवाज उठाना आवश्यक है । यहा हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारो को दबाने की तानाशाही है ।

हावडा में पुन: दूसरे दिन भी धर्मांध कट्टर मुसलमानों द्वारा हिन्दुओं पर पथराव किया गया !

ममता बनर्जी ने दंगों के लिए हिन्दुओं को ठहराया उत्तरदायी ! क्या संविधान में लिखा है कि मुसलमान बहुल क्षेत्रों में हिन्दू अपनी धार्मिक शोभायात्राएं न निकालें ? यह भारत है या बांग्लादेश ?

दंगे के लिए ममता बनर्जी सरकार उत्तरदायी ! – मानवाधिकार आयोग की तथ्यान्वेषी (सत्यशोधन) समिति का ब्योरा

यदि भाजपशासित राज्या में ऐसे दंगे होते, तो अभी तक देश के सभी ढोंगी निरपेक्षतावादी तथा पुरो(अधो)गामी राजनीतिक पार्टियां एवं संगठनों ने कोलाहल मचाया होता |

पीडित हिन्दुओं से भेंट करने गए राष्ट्रीय मानवाधिकार समिति को पुलिस ने रोका !

बंगाल की तृणमूल कांग्रेस की हिन्दूद्रोही एवं कानूनद्रोही सरकार ! अब तो केंद्र सरकार को बंगाल के हिन्दुओं की रक्षा के लिए राष्ट्रपति शासन लागू करना आवश्यक है !

बंगाल से ८१ सहस्त्र  डेटोनेटर (विस्फोटक) और २७ सहस्त्र किलो अमोनियम नाइट्रेट की तस्करी करने वाले २ जिहादी बंदी !

बंगाल जिहादी गतिविधियों का केंद्र बन गया है और इस प्रकार भारत की सुरक्षा धोखे  में  है । इसे ध्यान में रखते हुए वहां राष्ट्रपति शासन लागू किया जाना चाहिए !

हुगली (बंगाल) में पुन: हिंसा !

तृणमूल कांग्रेस के बंगाल में कानून और सुरक्षा व्यवस्था के तीन तेरा! केंद्र सरकार को अब हस्तक्षेप करना ही चाहिए और बंगाल में तुरंत राष्ट्रपति शासन लागू करना चाहिए !

(अब इनकी सुनिए….. ) ‘क्या भगवान श्रीराम ने शोभायात्रा में हथियार ले जाने को कहा था ?’ – मुख्य मंत्री ममता बनर्जी

कट्टर मुसलमानों को ‘रमजान के समय में हिन्दुओं पर मस्जिद से आक्रमण करने को किसने कहा था ?’, ममता बनर्जी इसका शोध क्यों नहीं करतीं ?

बंगाल में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष को थाने में पीटा गया

इससे तृणमूल कांग्रेस के राज्य में चरमराई कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था दिखाई देती है । यदि पुलिस एक महत्त्वपूर्ण संस्था के अध्यक्ष की पिटाई करती है, तो साधारण लोगों के साथ वह कैसा आचरण करती होगी, इसका विचार न करना ही अच्छा !