बंगाल के जादवपुर विश्वविद्यालय के विद्यार्थी की दूसरे माले से नीचे गिरकर मृत्यु !

विश्वविद्यालय में विद्यार्थी पढने आते हैं । वहां उन पर नैतिकता की शिक्षा देकर उन पर योग्य संस्कार कर, यह देखना आवश्यक है कि वह आदर्श नागरिक बने; परंतु इसप्रकार की घटना निंदनीय और लज्जाजनक है । इससे विश्वविद्यालयों की दयनीय अवस्था ध्यान में आती है !

बंगाल में ममता बनर्जी ने इमाम, मुअज्जिन एवं पुजारियों के वेतन में ५०० रुपए की बढोतरी की !

मुसलमानों को हिन्दुओं से दुगुना वेतन देकर ममता बनर्जी की सरकार कहती है, ‘हम धर्म निरपेक्षता के नाम पर बहुसंख्यक हिन्दुओं को गौण स्थान दे रहे हैं ।’ क्या ममता बनर्जी सरकार को चुनाव में जितानेवाले हिन्दुओं को यह स्वीकार्य है ?

हावडा (बंगाल) में महिला को निर्वस्त्र कर जुलूस निकालने की घटना उजागर !

मणिपुर की घटना पर टिप्पणी करनेवाले अब बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी पर टिप्पणी करेंगे ? उनका त्यागपत्र मांगेंगे ?

बंगाल की मुख्य मंत्री ममता बनर्जी के निवास स्थान पर चाकू लेकर घुसे नूर आलम को बंदी बनाया गया !

ममता बनर्जी की सरकार मुसलमानों के लिए सब कुछ करती है, तब भी मुसलमान ऐसे कृत्य क्यों  कर रहे हैं ? सरकार को इसका विचार करना आवश्यक है  !

बंगाल पंचायत चुनाव में भारी हिंसाचार ! १५ लोगों की मृत्यु !

ध्यान दें कि कोई भी राजनीतिक दल बंगाल में राष्ट्रपति शासन की मांग नहीं कर रहा है ! अब देश की जनता को इसकी मांग करनी चाहिए !

बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के दो गुटों के बीच हुए झगडे में एक कार्यकर्ता की मृत्यु

बंगाल में राष्ट्रपति शासन कब लागू होगा ?

बंगाल में पंचायत चुनाव के लिए केंद्रीय बल की नियुक्ति योग्य ! – सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय 

पंचायत स्तर के चुनावों के लिए केंद्रीय बल को तैनात करना पडता है, यह तथ्य स्पष्ट रूप से इंगित करता है कि बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति कितनी बिगड चुकी है । इसलिए केंद्र सरकार को बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करना चाहिए !

बंगाल में केंद्रीय मंत्री निशित प्रमाणिक के काफिले पर आक्रमण

बंगाल में पंचायत चुनाव की घोषणा होने के दिन से वहां हिंसा चालू हुई है । १७ जून के दिन केंद्रीय मंत्री निशित प्रमाणिक के वाहन काफिले पर आक्रमण किया गया ।

तृणमूल कांग्रेस के २ दलों ने १०० स्थानों में एक-दूसरे पर बम फेंकें !

एक-दूसरे पर बम फेंककर हिंसा करनेवाली पार्टी राज्य में यदि सत्तारूढ है, तो यह लोकतंत्र के लिए कलंक ! स्वयं को लोकतंत्र के सेवक समझनेवाले अब तृणमूल कांग्रेस कर रही इस हिंसा के संदर्भ में क्यों नहीं बोलते ?

भाजपा के विधायक तथा उनके कार्यकर्ताओं पर आक्रमण

गत कुछ वर्षों में बंगाल में ऐसी ही स्थिति रहते हुए उसमें सुधार करने हेतु ठोस निर्णय न लेनेवाले जनताद्रोही ही हैं !