हावडा (बंगाल) में महिला को निर्वस्त्र कर जुलूस निकालने की घटना उजागर !
मणिपुर की घटना पर टिप्पणी करनेवाले अब बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी पर टिप्पणी करेंगे ? उनका त्यागपत्र मांगेंगे ?
मणिपुर की घटना पर टिप्पणी करनेवाले अब बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी पर टिप्पणी करेंगे ? उनका त्यागपत्र मांगेंगे ?
ममता बनर्जी की सरकार मुसलमानों के लिए सब कुछ करती है, तब भी मुसलमान ऐसे कृत्य क्यों कर रहे हैं ? सरकार को इसका विचार करना आवश्यक है !
ध्यान दें कि कोई भी राजनीतिक दल बंगाल में राष्ट्रपति शासन की मांग नहीं कर रहा है ! अब देश की जनता को इसकी मांग करनी चाहिए !
बंगाल में राष्ट्रपति शासन कब लागू होगा ?
पंचायत स्तर के चुनावों के लिए केंद्रीय बल को तैनात करना पडता है, यह तथ्य स्पष्ट रूप से इंगित करता है कि बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति कितनी बिगड चुकी है । इसलिए केंद्र सरकार को बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करना चाहिए !
बंगाल में पंचायत चुनाव की घोषणा होने के दिन से वहां हिंसा चालू हुई है । १७ जून के दिन केंद्रीय मंत्री निशित प्रमाणिक के वाहन काफिले पर आक्रमण किया गया ।
एक-दूसरे पर बम फेंककर हिंसा करनेवाली पार्टी राज्य में यदि सत्तारूढ है, तो यह लोकतंत्र के लिए कलंक ! स्वयं को लोकतंत्र के सेवक समझनेवाले अब तृणमूल कांग्रेस कर रही इस हिंसा के संदर्भ में क्यों नहीं बोलते ?
गत कुछ वर्षों में बंगाल में ऐसी ही स्थिति रहते हुए उसमें सुधार करने हेतु ठोस निर्णय न लेनेवाले जनताद्रोही ही हैं !
१ सहस्त्र से अधिक यात्री घायल !
मरने वालों की संख्या बढने की आशंका !
प्रधान मंत्री मोदी ने घटनास्थल का दौरा किया !
बंगाल में लोकतंत्र नहीं, अपितु तानाशाही है, इसका और एक उदाहरण ! ‘द केरल स्टोरी’ चलचित्र पर प्रतिबंध लगाने पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा फटकार लगाने पर भी तृणमूल कांग्रेस सरकार पर कोई परिणाम नहीं हुआ ।