राज्य सरकार के ‘डिजिटल खोया-पाया केन्द्र’ ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका !

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) – प्रयागराज महाकुंभ २०२५ अपनी दिव्यता और भव्यता के साथ मनाया गया है । १४४ वर्षों के बाद हुए इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन में ६६ करोड से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया । कुंभ मेला प्रशासन इस भव्य आयोजन के दौरान लापता हुए ५४,३५७ श्रद्धालुओं को उनके परिवारों से मिलाने में सफल रहा । यह उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार की दूरदर्शिता और समर्पित प्रयासों के कारण संभव हुआ है । इसमें राज्य सरकार द्वारा स्थापित ‘डिजिटल खोया-पाया केंद्र’ एक बड़ी उपलब्धि रही ।
आंकड़े कुछ ऐसे हैं !
१. एक ही दिन में खोए हुए भक्तों की संख्या : कुल ५४,३५७ खोए हुए भक्तों में से ३५,००० से अधिक उसी दिन अपने परिवारों से मिल पाए ।
२. मकर संक्रांति अमृत स्नान काल (१३-१५ जनवरी) : ५९८ लापता लोग अपने प्रियजनों से मिले ।
३. मौनी अमावस्या की अवधि (२८-३० जनवरी) : ८,७२५
४. वसंत पंचमी काल (२-४ फरवरी) : ८६४
संपादकीय भूमिकाइस उपलब्धि के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार को बधाई ! जो लोग ‘गंगा अस्वच्छ थी’ और ‘कुंभ मेले में भगदड हुई’ कहकर उत्तर प्रदेश सरकार की आलोचना कर रहे हैं, वे अब उनके प्रदर्शन के बारे में कुछ क्यों नहीं कह रहे हैं ? |
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