महाकुंभ पर्व के दौरान गंगा का पानी निश्चित रूप से पीने योग्य था ! – केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

  • इससे पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बताया था कि गंगा में मानव मल से बडी मात्रा में बैक्टीरिया पाए गए हैं !

  • जल नमूनों में विविधता के कारण सांख्यिकीय विश्लेषण के बाद नई रिपोर्ट प्रस्तुत की गई !

नई दिल्ली – केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण को सूचित किया है कि प्रयागराज में हाल ही में हुए महाकुंभ पर्व के दौरान नदियों का पानी स्नान के लिए उपयुक्त था । बोर्ड ने अपनी पिछली रिपोर्ट में कहा था कि गंगा और यमुना नदियों के पानी में मानव मल से प्राप्त बैक्टीरिया की उच्च मात्रा पाई गई थी; लेकिन एक नई रिपोर्ट कहती है कि सांख्यिकीय विश्लेषण के अनुसार संगम का पानी स्नान के लिए उपयुक्त था ।

बोर्ड ने कहा कि नदी के पानी के नमूनों में विविधता के कारण सांख्यिकीय विश्लेषण किया गया । विभिन्न तरीकों का उपयोग करके एक ही स्थान से अलग-अलग तिथियों पर तथा एक ही दिन अलग-अलग स्थानों से जल के नमूने लिए गए । इसलिए, नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नदी के पानी की समग्र गुणवत्ता इसमें परिलक्षित नहीं हुई । बोर्ड ने २८ फरवरी को इस रिपोर्ट को अनुमति दे दी ।

‘जर्मन शेफर्ड’ के नाम से प्रसिद्ध यूट्यूबर (यूट्यूब चैनल चलाने वाले व्यक्ति) ध्रुव राठी ने महाकुंभ मेले के अंतिम समय में एक वीडियो बनाया था, जिसमें बताया गया था कि ‘संगम स्नान का पानी अत्यधिक हानिकारक है’ (यह विषैला है)। राठी ने यह कह कर हिन्दुओं को मूर्ख बनाने का प्रयास किया था कि नहाने का पानी बहुत खराब है । उसके वीडियो को १० दिनों में १ करोड ३० लाख लोगों ने देखा ।

संपादकीय भूमिका 

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पिछली रिपोर्ट का लाभ उठाते हुए ध्रुव राठी जैसे कट्टर हिन्दू द्वेषियों ने महाकुंभ पर्व व्यवस्था को अप्रभावी और जनविरोधी बताने की प्रयास किया । अब इसमें आश्चर्य नहीं होना चाहिए अगर यह पूरी कंपनी कहे कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भाजपा-अनुकूल हो गया है; लेकिन हिन्दुओं को अब उन हिन्दू द्वेषियों से उत्तर मांगना चाहिए जिन्होंने अपनी पिछली आलोचनाओं के माध्यम से हिन्दुओं की आस्था को कुचलने का महापाप किया था !