केंद्र सरकार द्वारा ३ कृषि कानून निरस्त ! – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा

प्रधानमंत्री मोदी ने आवाहन किया है कि, ‘आंदोलनकारी किसान अपने घरों को जाएं, खेतों में जाकर काम आरंभ करें, एक नया प्रारंभ करें ।

समान नागरिक कानून आवश्यक है तथा संविधान के अनुच्छेद ४४ के अंतर्गत अपेक्षित कार्यवाही आवश्यक ! – इलाहाबाद उच्च न्यायालय

इसके पूर्व, सर्वोच्च न्यायालय ने अनेक बार तथा विविध उच्च न्यायालयों ने सरकार को विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए, देश में समान नागरिक कानून लागू करने का परामर्श दिया है ; परंतु, यह लज्जाजनक बात है, कि अब तक एक भी दल की सरकार ने समान नागरिक कानून बनाने का प्रयास नहीं किया है ।

हरियाणा के एम्.बी.बी.एस्. डॉक्टर मनोज मित्तल का वीडियो के माध्यम से गोबर खाने का दावा !

गाय का गोबर और गोमूत्र का सेवन करने से मनुष्य का मन, शरीर और आत्मा शुद्ध बनते हैं !

यौन भावना से किया गया किसी भी प्रकार का स्पर्श यौन शोषण ही है ! – सर्वाेच्च न्यायालय

सर्वाेच्च न्यायालय ने कहा है कि स्पर्श कपडों के उपर से है अथवा स्कीन टू स्कीन (शरीर का शरीर से सीधा स्पर्श होना) इस पर ही हम मंथन करते बैठे, तो उससे पॉक्सो कानून का मूल उद्देश्य ही बाजू में हो जाएगा ।

(कहते हैं) ‘मुसलमानों के विरुद्ध हिंसा बंद होनी चाहिए !’

सार्वजनिक स्थानों पर नमाज अदा करने की दी गई अनुमति को रद्द करने पर, पाकिस्तान की तडपडाहट !

भाग्यनगर (हैदराबाद, तेलंगाना) में ११७ बार वाहन नियमों का उल्लंघन, धर्मांध के वाहन को अधिग्रहण करने की सूचना !

क्या ११७ बार वाहन नियमों का उल्लंघन होने तक पुलिस सो रही थी ?

आगामी साढे तीन वर्ष में भारत बनेगा ‘हिन्दू राष्ट्र’ !  – शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती

भारत के विभाजन के पश्चात, भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित नहीं करना सरकार एवं राजनीतिक दलों की दिशाहीनता का निदेशक है । आप अभी, स्थापित होने वाले हिन्दू राष्ट्र की समीक्षा कर सकते हैं, उसकी ओर देख सकते हैं अथवा उसमें सहभाग ले सकते हैं ।

अगले वर्ष निवृत्तिवेतन प्राप्त होने हेतु नवंबर २०२१ में अधिकोष को ‘जीवन प्रमाणपत्र’ (‘लाईफ सर्टिफिकेट’) दें !

‘शासकीय अथवा अशासकीय कर्मचारियों को निवृत्ति के पश्चात प्रत्येक माह ‘निवृत्तिवेतन’ (पेंशन) दिया जाता है । उसके लिए वे जिस अधिकोष से निवृत्तिवेतन लेते हैं, उस अधिकोष में प्रतिवर्ष नवंबर माह में ‘जीवन प्रमाणपत्र’ देना होता है ।

त्रिपुरा में एक मस्जिद में आग लगाने के प्रवाद (अफवाह) के पश्चात धर्मांधों द्वारा महाकाली मंदिर की तोडफोड !

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी शिवाजी सेनगुप्ता पर कांग्रेस समर्थक छात्र संगठन एनएसयूआई एवं तृणमूल कांग्रेस द्वारा प्रेरित छात्र संगठन, तृणमूल छात्र परिषद के कार्यकर्ताओं ने आक्रमण किया ।