Maha Aarti In Saras Bagh : सारसबाग, पुणे में सैकड़ों हिन्दुओं की उपस्थिति में संपन्न हुई शिववंदना और महाआरती !
सारसबाग में नमाज पढ़ने के विरुद्ध एकजुट हुए हिन्दू !
सारसबाग में नमाज पढ़ने के विरुद्ध एकजुट हुए हिन्दू !
सत्यम इंडस्ट्रियल एस्टेट, एरंडवाने, पुणे में सड़क किनारे एक भवन के परिसर में श्री दत्तात्रेय का एक छोटा मंदिर पिछले ३०–३५ वर्षों से स्थित था; लेकिन एक ईसाई जॉन थॉमस के पत्र पर प्रशासन ने रात १२ बजे दत्तगुरु का मंदिर तोड़ दिया।
यदि कट्टरपंथियों के आतंक के कारण हिन्दूओंको पुणे शहर जैसी जगह में प्राण रक्षा के लिए भयभीत हो कर जीवन व्यतीत करना पड़ता है , तो किसी अन्य स्थान के बारे में न सोचना ही उचित है! यह ऐसी घटनाओं से हिन्दू राष्ट्र की स्थापना की आवश्यकता का भान होता है!
क्या यह लैंड जिहाद नहीं ? गड दुर्ग, मंदिर हडपनेवाले धर्मांध अब हिन्दुओं को विस्थापित करने हेतु किस प्रकार प्रयास कर रहे हैं, इससे यही दिखाई देता है ! यह हिन्दुओं के लिए खतरे की घंटी है !
डॉ. नरेंद्र दाभोलकर हत्याकांड मामले मे डॉ तावरे ने शव परीक्षण किया है और इस मामले मे सबूत गायब करने का उन पर शक है ।ऐसा समाचार ‘हिंदुस्तान पोस्ट’, इस जालस्थल ने प्रसारित किया है ।
सभी संदिग्ध अपराधियों पर लगाया ‘यु.ए.पी.ए.’ (गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम) न्यायालय ने हटाया !
१० मई को न्यायालय ने डॉ. नरेंद्र दाभोलकर हत्या प्रकरण में सनातन संस्था के साधक श्री. विक्रम भावे को निर्दाेष मुक्त किया । न्यायालय के इस निर्णय का हम स्वागत करते हैं ।
आज ‘हिन्दू आतंकवाद’ का षड्यंत्र रचनेवालों की पराजय हुई है, साथ ही इस प्रकरण में दोषी प्रमाणित हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ता सचिन अंदुरे एवं शरद कळसकर को भी निर्दाेष मुक्त कराने हेतु हम लडेंगे’, ऐसा सनातन संस्था ने इस अवसर पर घोषित किया ।
आज अदालत ने मुझे बरी कर दिया हैं। मेरे दृ्ष्टी से, यही परिणाम अपेक्षित था। मुझे गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया। मेरे ख़िलाफ़ कोई सबूत नहीं था। इसलिए अदालत के सामने कोई सबूत नहीं आया ।
दाभोलकर की आत्मा को कुछ तो न्याय मिलना चाहिए । हत्यारों को दंड मिला होगा, तो भी मुख्य सूत्रधार छूट गया । इसके लिए राज्य सरकार को अपील करनी चाहिए ।