Gujarat Bomb Threat : बम विस्फोट की धमकीवाले ईमेल भेजनेवाले आरोपी को बंदी बनाया गया !
ऐसे ईमेल भेजकर समाज में भय फैलानेवाले समाज कंटकों पर कठोर कार्रवाई होना आवश्यक है !
ऐसे ईमेल भेजकर समाज में भय फैलानेवाले समाज कंटकों पर कठोर कार्रवाई होना आवश्यक है !
गुजरात में दो दशकों से अधिक समय से भाजपा का शासन होने के उपरांत भी गोहत्या कैसे संभव है तथा इस प्रकार के आक्रमण कैसे होते हैं ? यह प्रश्न हिन्दुओं के मन में उपस्थित होता है !
हिन्दू विवाह के समय बजाए गए संगीत से मुसलमानों को कष्ट होता है; परन्तु यही मुसलमान वर्षों से अजान देकर हिन्दुओं को कष्ट देते हैं, उसका क्या ? ऐसे उद्दंड मुसलमानों पर कठोर कार्यवाही करना आवश्यक है !
नोमान ७ वर्ष आयु के लडके को नमाज पढाना सिखाने के बहाने मस्जिद के छत पर ले गया तथा वहां उसने इस लडके पर अत्याचार किए ।
इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि धर्मांध तथा आपराधिक प्रवृत्ति के मुसलमान किस स्तर तक गिर चुके हैं । यदि विद्यालय यह विचार करें कि ‘क्या ऐसे लोगों को प्रवेश देना चाहिए ?’, तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए !
वर्ष १०२६ में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के १ सहस्र वर्ष पूरे होने के अवसर पर यहां ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाया जा रहा है । ११ जनवरी की सुबह प्रधानमंत्री मोदी ने शंख सर्कल पर ‘शौर्य यात्रा’ का नेतृत्व भी किया
यहां पायनियर स्कूल के सामने स्थित जामा मस्जिद के विरुद्ध अखिल भारतीय संत समिति के संतों ने आंदोलन प्रारंभ किया है । संतों का दावा है कि इस स्थान पर प्राचीन जैन मंदिर था तथा यहीं चक्रधर स्वामी का जन्म हुआ था ।
‘गुजरात में अनेक वर्षों से भारतीय जनता पार्टी की सरकार होने के बाद भी मुसलमानों में हिन्दुओं पर आक्रमण करने का साहस कैसे हुआ ?’, ऐसा ही हिन्दुओं को लग रहा है ।
इसमें दोषी सद्दाम खानसहित २ लोगों को बंदी बनाया गया ।
गोरक्षकों पर भी तलवार से किया आक्रमण ।
ऐसे कथित मनोरोगी केवल हिन्दुओं पर ही क्यों आक्रमण करते हैं ? यदि ऐसा है, तो प्रत्येक जिहादी को मनोरोगी ही कहना पडेगा ! अतः ऐसी बीमारी के लिए फांसी का दंड ही एकमात्र उपाय सिद्ध होगा !