शिर्डी में श्री साईबाबा मंदिर परिसर में फफूंदयुक्त पेडों की बिक्री

घटिया गुणवत्ता के पेडे बेचने वालों की दुकानों को सील कर उनसे कठोर आर्थिक दंड (जुर्माना) लिया जाना चाहिए ।

वल्लभनगर (पिंपरी-चिंचवड) बस स्थानक पर यात्रियों की असुविधाओं की ‘यात्रा’ चल रही है

राज्य परिवहन निगम के प्रशासन को क्या ये मूलभूत समस्याएं दिखाई नहीं देती ? क्या प्रशासन केवल कागद पर सुविधाओं की उपलब्धता दिखाकर यात्रियों का दिशाभ्रम कर रहा है ?

SANATAN PRABHAT EXCLUSIVE : बोरीवली (मुंबई) के नैंसी एस्.टी. बस स्थानक में स्वच्छता की ‘ऐसी की तैसी

वर्ष २०२३ में ‘सनातन प्रभात’के प्रतिनिधियों ने महाराष्ट्र राज्य के जिले से लेकर तहसील स्तर तक के बस स्थानकों की स्वच्छता तथा यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की थी । भी भी कुछ बस स्थानक स्वच्छता की बहुत अनदेखी कर रहे हैं । इस स्थिति की ओर सरकार एवं समाज का ध्यान आकर्षित करने के लिए ‘सनातन प्रभात’ पुनः एक बार राज्य के बस स्थानकों की दयनीय स्थिति के विषय में समाचारमाला आरंभ कर रहा है ।

Gokul Milk Halal Certification : ‘गोकुल’ दुग्ध उत्पादक संघ के विभिन्न उत्पादों को ‘हलाल’ प्रमाणपत्र

मुसलमानों के लिए इस प्रकार के निर्णय लेने वाले दुग्ध उत्पादक संघों के उत्पादों का यदि हिन्दू बहिष्कार करें, तो इसमें आश्चर्य नहीं होना चाहिए

राज्य में अब सरकारी कैंटीन में ५ रुपए में मिलेगा ‘मछली-चावल’

मुख्यमंत्री ने बताया कि सामान्य जनता एवं जरूरतमंद लोगों को सस्ते मूल्य में भोजन उपलब्ध कराना, इस योजना का मुख्य उद्देश्य है ।

आपातकालीन स्थिति : ऊर्जा सुरक्षा, अति आवश्यक आपूर्ति एवं ऊर्जा की बचत !

युद्धकाल का सामना करने के लिए तैयारी के रूप में आज ही कृति करना आवश्यक !

Allahabad High Court : गोहत्या के कारण समाज में तीव्र भावनाएं उत्पन्न होती हैं !

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि, गाय की हत्या करने से समाज के एक बड़े वर्ग की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं । इससे सार्वजनिक शांति भंग होने का अत्यधिक संकट बना रहता है । यह विषय केवल सामान्य अपराध का नहीं, अपितु सार्वजनिक व्यवस्था को आघात पहुंचाने वाला है; इसीलिए राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत की गई कार्रवाई न्यायोचित है ।

China Rise In Divorce : चीन में तलाक की घटनाओं में रिकॉर्ड वृद्धि

तलाक की बढती प्रवृत्ति के पीछे महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता तथा सामाजिक स्वीकृति में वृद्धि, ये मुख्य कारण हैं, ऐसा समाजशास्त्रियों का मत है ।

सामाजिक सुधार के नाम पर धर्म को खोखला नहीं किया जा सकता ! – Supreme Court

वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी द्वारा धार्मिक संस्थाओं को अपने कार्यों के प्रबंधन के अधिकार के संबंध में दिए गए तर्क को सुनते समय सर्वोच्च न्यायालय ने यह टिप्पणी की ।