प.पू. भक्तराज महाराजजी की प.पू. डॉक्टरजी के प्रति निरपेक्ष प्रीति एवं उनके कृपाशीर्वाद !

अ. प.पू. डॉक्टरजी के कार्य के विषय में प.पू. महाराजजी ने पहले ही बता रखा था । एक बार विशाखापट्टणम् जाने पर वहां सभी के छायाचित्र खींचने आए छायाचित्रकार को रोककर उन्होंने हमें उनके चरणों में बिठाकर छायाचित्र खिंचवा लिया । उस समय उन्होंने कहा, ‘‘पूरे विश्व को यह ज्ञात होना चाहिए कि आप मेरे … Read more

RSS Dr. Mohanji Bhagwat : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक प.पू. डॉ. मोहनजी भागवत ने सनातन के आश्रम में आने का आश्वासन दिया !

सरसंघचालक ने कांदळी (जिला पुणे) स्थित भक्तराज महाराज के समाधि स्थल के दर्शन किये !

८३वें जन्मोत्सव के निमित्त  विविध संप्रदायों, संतों एवं मान्यवरों द्वारा सच्चिदानंद परब्रह्म  डॉ. जयंत आठवलेजी का सम्मान !

प.पू. भक्तराज महाराजजी तथा प.पू. अनंतानंद साईशजी की प्रतिमावाले चांदी के सिक्के भेंट किए ।

प.पू. भक्तराज महाराज आश्रम, मोरचोंडी (पालघर जिला) में २५ फरवरी से महाशिवरात्रि महोत्सव !

सनातन संस्था के श्रद्धास्थान प.पू. भक्तराज महाराज (इंदौर) की कृपाछत्र के नीचे प.पू. रामानंद महाराजजी के आशीर्वाद से, पालघर जिला के मोखाडा तालुका के मोरचोंडी में प.पू. भक्तराज महाराजजी के आश्रम में श्री मयूरेश्वर महादेव महाशिवरात्रि महोत्सव २५ फरवरी से मनाया जाएगा ।

कोटि-कोटि प्रणाम !

२४ नवंबर २०२४ को सनातन के श्रद्धास्रोत प.पू. भक्तराज महाराजजी के महानिर्वाण दिन निमित्त उनके श्री चरणों में भक्तिपूर्ण वंदन

भक्तों पर अखंड कृपाछत्र बनाए रखनेवाले प.पू. भक्तराज महाराजजी !

सनातन के प्रेरणास्रोत प.पू. भक्तराज महाराजजी की जन्मशताब्दी के उपलक्ष्य में उनके शिष्य डॉ. जयंत आठवलेजी द्वारा समर्पित भावसुमनांजलि !

प.पू. भक्तराज महाराजजी एवं परात्पर गुरुदेवजी के चित्र बनाते समय साधक को हुई अनुभूतियां

प.पू. भक्तराज महाराजजी एवं परात्पर गुरुदेवजी के चित्र बनाते समय श्री. प्रसाद हळदणकर को हुई अनुभूतियां यहां दे रहे हैं

इंदौर (मध्य प्रदेश) एवं कांदळी (पुणे) में भावपूर्ण वातावरण में मनाई गई प.पू. भक्तराज महाराजजी की गुरुपूर्णिमा !

२० जुलाई को श्री भक्तवात्सल्य आश्रम से गुरुपादुकाओं की पालकी निकाली गई । इस पालकी में प.पू. अनंतानंद साईशजी (प.पू. भक्तराज महाराजजी के गुरु), प.पू. भक्तराज महाराजजी एवं प.पू. रामानंद महाराजजी (प.पू. भक्तराज महाराजजी के उत्तराधिकारी) की चरण-पादुकाएं रखी गई थीं ।

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी द्वारा अध्यात्म-क्षेत्र में किया गया कार्य !

अध्यात्मप्रसार के कार्य की व्यापकता बढने के उपरांत परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी ने २३.३.१९९९ को सनातन संस्था की स्थापना की । सनातन संस्था का उद्देश्य है वैज्ञानिक परिभाषा में हिन्दू धर्म के अध्यात्मशास्त्र का प्रसार कर धर्मशिक्षा देना

गुरुदेवजी, श्री गुरु का जन्मोत्सव मनाने के संदर्भ में भी ‘आप ही विजयी हुए, हम पराजित !’

वर्ष २०१५ से सनातन का मार्गदर्शन करनेवाले विभिन्न महर्षियों की आज्ञा का पालन करने की दृष्टि से साधक गुरुदेवजी का जन्मदिवस मना रहे हैं ।