पेशावर की मस्जिद में हुए बम विस्फोट में ३६ लोगों की मृत्यु, तो ५० से अधिक लोग घायल
पाक में तथाकथित ‘भगवा आतंकवाद’ न होते हुए भी मस्जिदों में बम विस्फोट क्यों होते हैं ?, यह भारत के ढोंगी धर्म निरपेक्षतावादी राजनीतिक पार्टियां और नेता बताएंगे क्या ?
पाक में तथाकथित ‘भगवा आतंकवाद’ न होते हुए भी मस्जिदों में बम विस्फोट क्यों होते हैं ?, यह भारत के ढोंगी धर्म निरपेक्षतावादी राजनीतिक पार्टियां और नेता बताएंगे क्या ?
अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के निर्णयानुसार कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा के विरोध में अपील करने के लिए १३ अप्रैल २०२२ तक एक अधिवक्ता नियुक्त करने के लिए भारत को और एक अवसर देना चाहिए
खालिस्तानवादियों को इस प्रकरण के कारण हिन्दूद्वेष व्यक्त करने का एक अवसर मिल गया है, यही ध्यान में आता है !
प्रसार माध्यमों के अनुसार, पाकिस्तानी एवं खलिस्तानी आतंकवादी प्रत्येक बार किसी न किसी निमित्त से भारत में अशांति निर्माण करने का प्रयत्न करते हैं । इससे भारतीय सुरक्षा तंत्र बब्बर खालसा, इंटरनेशनल खालिस्तानी कमांडो फोर्स, यूथ फेडरेशन जैसी अनेक आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों पर कडी निगरानी रखे है ।
मेजर डॉ. कैलाश कुमार और मेजर डॉ. अनिल कुमार इनके नाम हैं । पाकिस्तान आर्मी प्रमोशन बोर्ड द्वारा उनकी पदोन्नति की अनुमति देने के उपरांत, उन्हें पदोन्नत किया गया है ।
वित्तीय कदाचार के विरुद्ध नियमों का उल्लंघन करने का परिणाम
पाकिस्तान शत्रुदेश है और शत्रु देश के प्रधानमंत्री ने आमंत्रण दिया था, उनपर निर्भर होकर मोदी वहां पहुंचे थे । नरेंद्र मोदी का विमान वहां सुरक्षित उतरा, उन्होंने कार्यक्रम संपन्न किए, विमान में बैठे और उनका विमान देहली की दिशा में लौटा । यह सर्व सुरक्षित संपन्न हुआ । इतना भी पंजाब में नहीं हो सका ।
पडोसी इस्लामी देश पाकिस्तान और बांगलादेश में अल्पसंख्यक हिन्दुओं की समस्या हल करने के लिए भारत के आज तक की सभी पार्टियों की सरकार ने कुछ भी किया नहीं, यह लज्जास्पद !
पाकिस्तान को नष्ट करने पर आतंकवाद अपने आप समाप्त हो जाएगा । इसको ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार को अब भारतीय सेना को पाकिस्तान का अंत करने की छूट देनी चाहिए ; ऐसा ही राष्ट्रप्रेमियों को लगता है !
‘साधना कर सूक्ष्म स्तरीय ज्ञान होने पर यज्ञ का महत्त्व समझ में आता है । वह न समझने के कारण अति सयाने बुद्धिप्रमाणवादी बडबडाते फिरते हैं, ‘यज्ञ में वस्तुएं जलाने की अपेक्षा उन्हें गरीबों को दो ।’