
इस्लामाबाद (पाकिस्तान) – अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के निर्णयानुसार कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा के विरोध में अपील करने के लिए १३ अप्रैल २०२२ तक एक अधिवक्ता नियुक्त करने के लिए भारत को और एक अवसर देना चाहिए, ऐसा निर्देश इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने पाकिस्तान सरकार को दिया । इस कारण पाकिस्तानी सैनिक न्यायालय ने कुलभूषण जाधव को न्यायालय के सामने ‘पाक की ओर से दोषी ठहराने का और सजा सुनाए जाने के विरोध में बोलना संभव होगा । पाक के सैन्य न्यायालय ने ५१ वर्षीय सेवानिवृत्त भारतीय नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव पर जासूसी और आतंकवाद का आरोप लगाते हुए अप्रैल २०१७ में फांसी की सजा सुनाई थी ।
The Islamabad High Court on Thursday said that death-row prisoner Kulbhushan Jadhav cannot be denied the right to a fair trial as he is a human being.#KulbhushanJadhav https://t.co/bkLI8A6sYv
— TIMES NOW (@TimesNow) March 4, 2022
इसके बाद जाधव को ‘कॉन्स्युलर ऐक्सेस’ (कानूनी सहायता) ना देने के कारण भारत ने पाकिस्तान के विरोध में अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में याचिका प्रविष्ट की थी । इस पर जुलाई २०१९ में इस न्यायालय ने निर्णय देते हुए ‘जाधव को भारत की ओर से कानूनी सहायता देनी चाहिए’, ऐसा आदेश दिया था । इसके साथ जाधव को होने वाली सजा का पुनरावलोकन सुनिश्चित करने का भी निर्देश अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने पाक को दिया था ।
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