India Distorted Map : जम्मू-कश्मीर एवं पूर्वोत्तर भारत को क्रमशः पाकिस्तान अथवा चीन का भाग दर्शाया !

‘नेपाल एयरलाइन्स’ ने नेपाल के राष्ट्रीय विमान संस्थान ने अभी कुछ दिन पूर्व ही एक मानचित्र प्रसारित किया । उसमें सम्पूर्ण जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान में , तो सम्पूर्ण पूर्वोत्तर भारत को चीन में दिखाया गया ।

मोहम्मद यूनुस द्वारा पाकिस्तानी सेना प्रमुख को दिए गए बांग्लादेश के मानचित्र (नक्शे) में भारत के ७ राज्यों को दर्शाया !

भारत सरकार बांग्लादेश के संबंध में निष्क्रिय है, इसलिए उसका साहस प्रतिदिन बढ रहा है, यही इस घटना से स्पष्ट होता है !

Mumbai Tricolor flag : भांडुप (मुंबई) में तिरंगा ध्वज पर चांदतारा छापकर उसका किया गया अनादर !

भारतीयों में राष्ट्राभिमान न होने के कारण ही धर्मांध ऐसा कृत्य करने का साहस दिखाते हैं, इसे भारतीयों को ध्यान में लेना होगा !

Perplexity AI Advertisement : सनातन के साधक निलेश चितळे ने कंपनी को पत्र भेजकर जानकारी दी ।

अमेरिकी कंपनी ‘परप्लेक्सिटी एआई’ ने विज्ञापन में भारत का अशुद्ध मानचित्र दिखाया–

Perplexity AI : अमेरिकी कंपनी ‘परप्लेक्सिटी एआई’ के विज्ञापन में भारत का अयोग्य (गलत) मानचित्र (नक्शा) प्रसारित !

विदेशी कंपनियां षड्यंत्रपूर्वक भारत का गलत मानचित्र प्रसारित कर देश की राष्ट्रीय अस्मिता को ठेस पहुंचाती हैं ! ऐसी कंपनियों पर सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए !

Israel Shares India’s Wrong Map : इजराइल द्वारा दिखाए गए मानचित्र में कश्मीर पाकिस्तान में है, जबकि अरुणाचल प्रदेश चीन में है !

इजराइली रक्षा बलों ने भारत से क्षमा याचना की है। इजराइल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर आक्रमण की जानकारी देने के लिए ‘एक्स’ पर एक सूचना प्रकाशित की थी।

‘न्यूजक्लिक’ ने रचा था कश्मीर एवं अरुणाचल प्रदेश को ‘विवादग्रस्त क्षेत्र’ दिखाने का अंतर्राष्ट्रीय षड्‌यंत्र !

देशद्रोही कृत्य करनेवाले इस समाचार जालस्थल पर अबतक प्रतिबंध लगाना ही आवश्यक था !

भारत के उपरांत अब मलेशिया, फिलिपींस, ताईवान एवं नेपाल ने किया चीन का विरोध !

चीन द्वारा अपने मानचित्र में अरुणाचल प्रदेश, दक्षिण चीनी समुद्र आदि का समावेश करने का प्रकरण !

(और इनकी सुनिए…) ‘भारत शांत रहे तथा इस पर अधिक बोलना टाले !’ – चीन

चीन के नए मानचित्र के (नक्शा) विरोध पर उद्दंड चीन ने दिया भारत को सुझाव  !

अन्यों का क्षेत्र अपना बताने की चीन की पुरानी आदत !

विदेशमंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने नए मानचित्र (नक्शे) पर चीन को सुनाया !