(और इनकी सुनिए…) ‘भारत द्वारा कश्मीर से धारा ३७० हटाना संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के विरुद्ध है !’ – जनरल मुनीर, पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष

ध्यान दें कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख इस डर से अमेरिका से गुहार लगा रहे हैं, कि भारत ने अनुच्छेद ३७० निरस्त कर दिया है तथा अब वह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पर भी नियंत्रण प्राप्त कर लेगा ।

Canada Khalistan Protest : टोरंटो (कनाडा) में खालिस्तानियों ने भारतीय दूतावास के बाहर जलाया भारतीय राष्ट्रध्वज !

कनाडा में स्थापित श्री हनुमानजी की मूर्ति का भी विरोध
पुलिस ने खालिस्तानियों का विरोध नहीं किया !

India Pakistan Relation : पाकिस्तान को बचाना है, तो उसे भारत से अच्छे संबंध बनाने होंगे ! – पाकिस्तानी वंश के अमेरिकन उद्योगपति साजिद तरार

पाकिस्तान आना, यह मोदी का साहसी कदम था ! – पाकिस्तानी वंश के अमेरिकन उद्योगपति साजिद तरार

India US Relation : यदि भारत ने खालिस्तानी आतंकवादी पन्नू की हत्या के षड्यंत्र की जांच नहीं की, तो भारत-अमेरिका संबंधों में कटुता आ सकती है !

अमेरिका के ५ भारतवंशीय सांसदों का दावा !

India In UN : आतंकियों को आश्रय देनेवाले देशों पर कार्रवाई करें !

संयुक्त राष्ट्र में भारत की प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज की मांग

(और इनकी सुनिए…) ‘लद्दाख हमारा है, इसलिए उसे केंद्रशासित प्रदेश बनाना उचित नहीं !’ – चीन

अरुणाचल प्रदेश पर दावा करनेवाले चीन ने अब लद्दाख पर दावा करना, चीन की विस्तारवादी नीति को भारत की ओर से पीछले ७५ वर्षाें में ‘जैसे को तैसा’ प्रत्युत्तर न दिए जाने का ही परिणाम कहना होगा !

Indian Fishermen Detained : श्रीलंका की नौसेना ने ६ भारतीय मच्छीमारों को बनाया बंदी !

इस वर्ष में अब तक २२० मच्छीमारों को बनाया गया है बंदी !

Gaza Ceasefire : संयुक्त राष्ट्र में गाजा में युद्धविराम का प्रस्ताव पारित : भारत का समर्थन 

जिन लोगों ने क्रूरता दिखाई है, उन्हें समाप्त किया जाएगा ! – इजराइल

Mahadev Betting App : ‘महादेव बेटिंग ऐप’ के मालिक रवि उत्पल को दुबई में बनाया बंदी

उसके विरुद्ध इंटरपोल पुलिस ने ‘रेड कॉर्नर’ नोटिस (संसार की सभी पुलिस ऐजेंसियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवश्यक फरार लोगों के प्रति सतर्क करना) जारी की थी ।

भारत ने गोपनीय संदेश द्वारा अमेरिका के खलिस्तानियों के विरुद्ध कार्यवाहियां करने का उच्चायुक्तालयों को दिया था आदेश !

अमेरिका के ‘इंटरसेप्ट’ प्रसारमाध्यम का दावा !