प्राचीन मंदिरों के संदर्भ में शोध, उनकी रक्षा एवं संवर्धन में योगदान देनेवाले ओडिशा के श्री. अनिल धीर !

ओडिशा के श्री. अनिल धीर एक व्यावहारिक शोधकर्ता एवं लेखक हैं, जो उनके ऐतिहासिक शोध के लिए जाने जाते हैं । वे बांग्लादेशी घुसपैठियों के विरुद्ध समाज में जागृति लानेवाले ‘भारत रक्षा मंच’ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं ।

यदि कुरान ग्रंथ मनुष्य को जीवन जीने का मार्गदर्शन प्रदान करता है, तो धर्मांध मुसलमानों को इसे समझना आवश्यक है !

‘सनातन प्रभात’ में धर्मांध मुसलमानों के कुकर्माें के विषय में जो समाचार प्रकाशित होते हैं, वो सभी समाचार मेरी आंखों के सामने आ गए तथा मेरा मन निम्न विचारप्रक्रिया से निराश हुआ । धर्मांधों के ऐसे कुछ दुष्कृत्य यहां दिए गए हैं ।

भारत में बढ रहा ‘द मॉल जिहाद !’

‘मॉल जिहाद’ अर्थात धर्मांध मुसलमानों द्वारा बडे व्यापारी प्रतिष्ठान आरंभ कर उस क्षेत्र के हिन्दुओं के व्यवसाय बंद कर देना तथा वहां हिन्दू युवतियों को नौकरियां देकर वहां काम कर रहे मुसलमान युवतियों को लव जिहाद चलाने का अवसर उपलब्ध कराना !

जिहाद क्या है ?

इस्लाम में ‘जिहाद’ शब्द को पवित्र माना जाता है; परंतु वर्तमान समय में पूरे विश्व में जिहाद के नाम पर जो आतंकवाद, निर्दाेष लोगों की हत्याएं तथा आर्थिक हानि चल रही है, उसे देखते हुए जिहाद के इस अर्थ पर विश्वास करना कठिन है !

महाराष्ट्र में वक्फ बोर्ड की ६० प्रतिशत भूमि पर अतिक्रमण !

वक्फ कानून बनने के कारण अब सरकार राज्य की इन भूमियों से भी अतिक्रमण हटाएगी ।

हिन्दुओ, धर्मांधों की प्रत्येक कृति प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष ‘जिहाद’ के लिए ही है, यह समझ लें !

छोटे-मोटे कारणों से झगडे कर हिन्दुओं के साथ मारपीट करना, मस्जिदों पर ऊंची आवाज में भोंपू चलाकर ध्वनिप्रदूषण करना, समान नागरिक कानून का विरोध करना

मादक पदार्थाें का व्यवसाय बढाकर हिन्दुओं की युवा पीढी ध्वस्त करना भी ‘जिहाद’ ही है !

युवतियों को जाल में फंसाकर उन्हें मादक पदार्थाें का व्यसन लगाकर मादक पदार्थ लेने के लिए लाचार बनाए जाने की भी अनेक घटनाएं सामने आईं ।

हलाल जिहाद अर्थात…

हिन्दू धर्मविरोधी ‘हलाल जिहाद’ तीव्र गति से फैल रहा है; इसलिए हलाल उत्पादों की अनिवार्यता वापस नहीं ली गई, तो तीव्र आंदोलन चलाया जाएगा । राष्ट्रप्रेम हेतु ‘हलाल’ का चिन्ह अंकित उत्पादों का सभी हिन्दू बहिष्कार करें !

हलाल प्रमाणपत्र अर्थात… आतंकियों को पालना-पोसना तथा  भारतीय व्यापारियों के व्यवसाय ध्वस्त करना

हलाल सर्टिफिकेट (प्रमाणपत्र)’ लेना अनिवार्य किया जा रहा है । इसके द्वारा बडी चतुराई से भारत में धार्मिकता के आधार पर चलाई जा रही ‘इस्लामी अर्थव्यवस्था’ लागू की गई है । ‘हलाल’ के माध्यम से इकट्ठा किए जानेवाले पैसों का उपयोग आतंकियों के अभियोग लडने के लिए किया जाता है ।

हिन्दू लडकियों के गले में ‘लव जिहाद’ का फंदा !

देखा जाए, तो पडोसी, परिचित, पुलिस एवं प्रशासन पीडित हिन्दुओं की सहायता नहीं करते, जिससे धर्मांधों को खुली छूट मिलती है; इसलिए हिन्दुओं को उनके लडके-लडकियों को धर्म की शिक्षा देना ही इसका एकमात्र उपाय है ।