हिन्दुओ, धर्मांधों की प्रत्येक कृति प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष ‘जिहाद’ के लिए ही है, यह समझ लें !

  • क्रिकेट में पाकिस्तान की विजय होने पर पटाखे जलाना
  • ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाना
  • भारत का ध्वज जलाना
  • बार-बार इस्लाम के खतरे में होने का भय खडा करना
  • सडकें रोककर नमाज पढना
  • विद्यालय-महाविद्यालयों में हिजाब पहनने की मांग पर अडे रहना
  • हिन्दू लडकियों में बुर्का एवं हिजाब का प्रसार कर उन्हें उसे पहनने के लिए बाध्य करना
  • ‘बंगाली बाबा’ बनकर हिन्दुओं के साथ धोखाधडी करना तथा हिन्दू स्त्रियों का शोषण करना
  • मस्जिदों पर ऊंची आवाज में भोंपू चलाकर ध्वनिप्रदूषण करना
  • थोडा भी धक्का लगा, तो दादागिरी दिखाकर धमकियां देना
  • छोटे-मोटे कारणों से झगडे कर हिन्दुओं के साथ मारपीट करना
  • निरंतर दहशत बनी रहे, इस प्रकार का आचरण करना
  • थोडा भी कुछ हुआ, तब भी बडी संख्या में अपने लोगों को इकट्ठा कर दहशत फैलाना
  • मदरसों में बच्चों के मन पर ‘काफिरों के विरोध में जिहाद चलाना है’, यह अंकित करना
  • मस्जिदों में भडकाऊ भाषण देना
  • छोटे बच्चों को हथियार चलाने का प्रशिक्षण देना
  • घरों की छतों पर पत्थर, कांच की बोतलें, पेट्रोल बम आदि का संग्रह करना
  • हिन्दुओं की शोभायात्राओं पर आक्रमण करना
  • सदैव कुछ न कुछ कारण बताकर दंगे करना तथा आगजनी करना
  • आतंकियों के ‘स्लिपर सेल’ के रूप में सक्रिय रहना
  • भारत में जाली नोटों का जाल बिछाना
  • अपनी जनसंख्या बढाने हेतु अनेक निकाह कर अनेक बच्चों को जन्म देना
  • समान नागरिक कानून का विरोध करना
  • ‘जे.एन.यू.’ जैसे विश्वविद्यालयों में कश्मीरी छात्रों को भडकाकर भारत के विरुद्ध स्वतंत्रता (‘आजादी’) मांगने के लिए प्रेरित करना

…यह सूची समाप्त होनेवाली नहीं है !