१. कर्नाटक में धर्मांध ने की कांग्रेस नेता की लडकी की हत्या
कर्नाटक में कांग्रेस के पार्षद निरंजन हिरेमठ की लडकी नेहा की हत्या धर्मांध फैयाज ने की । उसमें ७ व्यक्तियों ने उसकी सहायता की । निरंजन हिरेमठ ने यह आरोप लगाया है कि राज्य में कांग्रेस सत्ता में होने से इसकी जांच में प्रगति नहीं हो रही है । वे कर्नाटक पुलिस पर विश्वास नहीं करते; इसलिए उन्होंने इस प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण विभाग को (सी.बी.आई.) को सौंपने की मांग की है ।
हिरेमठ आगे कहते हैं, ‘अब उनकी स्वयं की हत्या होने की भी संभावना है । उनके घर के आस पास धर्मांधों का आना-जाना बढ रहा है । उनकी लडकी ने मुसलमान पंथ का स्वीकार करने से मना कर दिया; इसलिए आरोपी फैयाज ने उसकी हत्या की ।’ कर्नाटक में कांग्रेस सत्ता में आते ही ऐसी घटनाएं बहुत बढी हैं । नेहा हिरेमठ प्रकरण में मुख्यमंत्री से लेकर कांग्रेस के अनेक मंत्रियों ने अपने अकल के तारे तोडे । उनके अनुसार ‘यह प्रकरण लव जिहाद नहीं है, अपितु महाविद्यालय में चला प्रेमप्रकरण है ।
२. कांग्रेसशासित कर्नाटक राज्य में धर्मांध महिलाओं की उद्दंडता
कर्नाटक में जब से कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई है, तब से धर्मांधों द्वारा अनेक प्रकार से हिन्दुओं का दमन किया जा रहा है । वहां उनका उन्माद इतना बढा है कि अब वे पुलिस से भी नहीं डरते । इसका ताजा उदाहरण देना हो, तो कर्नाटक में कुछ धर्मांध महिलाओं में विवाद हुआ, उसके कारण वे पुलिस में शिकायत देने गईं थी । वहां उन्होंने हंगामा मचाया; उसके कारण वहां की महिला उपनिरीक्षक ने उनसे कहा, ‘आप शिकायत प्रविष्ट कीजिए, अन्यथा चले जाईए ।’ उस पर धर्मांध महिलाओं ने उस महिला अधिकारी से ही मारपीट की, साथ ही अन्य पुलिसकर्मियों पर भी हाथ उठाया । इससे धर्मांधों में अब पुलिस प्रशासन का भय नहीं रहा है, ऐसा दिखाई देता है ।

३. विवाहित धर्मांध हिन्दू लडकियों तथा विवाहित महिलाओं से धोखाधडी करते हैं
धर्मांध मुसलमान उनकी वासना पूरी करने के लिए विवाहित हिन्दू महिलाओं का भी शोषण करते हैं । अनेक बच्चों के धर्मांध पिता, हिन्दू लडकियों अथवा विवाहित महिलाओं को लव जिहाद के जाल में फंसाते हैं । उनके साथ शारीरिक संबंध रखते हैं तथा उसका चित्रीकरण कर उन्हें ‘ब्लैकमेल’ करते हैं । उसके उपरांत संबंधित लडकी का उत्पीडन आरंभ होता है । तब वे उनके जन्मदाता माता-पिता को भी नहीं पहचानतीं । वे अपना धर्म भूलकर मुसलमान पंथ के अनुसार आचरण करना आरंभ करती हैं । अंजनेय स्वामी देवालय के पुजारी की विवाहित लडकी का ४ बच्चों के बाप पाशा ने उत्पीडन किया । वह उसके चल-दूरभाष पर दूरभाष करता था । उससे हो रहा कष्ट असहनीय होने से उसने यह बात उसके पति को बताई । उसके उपरांत उसके पति ने क्रोध में आकर उस धर्मांध की हत्या की ।
४. लव जिहाद के गंभीर परिणाम सहनेवाली उच्च शिक्षित युवती का हिन्दू लडकियों से आवाहन
‘एम.बी.ए.’ की उपाधि प्राप्त लडकी अपूर्वा पुराणिक एक ऑटो चलानेवाले के प्रेम के जाल में फंस गई । इजाज नामक उस ऑटो चलानेवाले विवाहित धर्मांध ने उसे लव जिहाद के जाल में फंसाया । उसने उसके साथ शारीरिक संबंध रखे तथा उसका चित्रीकरण किया । उसके आधार पर वह उसे ‘ब्लैकमेल’ करता था । धर्मांध ने उसे मांस खाने को दिया तथा उसका धर्मांतरण किया । इतना होकर भी उसका हिन्दूद्वेष अल्प नहीं हुआ । कुछ दिन पूर्व ही उसने उसे चाकू २३ बार घोंपा । इस लडकी ने स्वयं यातनाएं भोगी । यह लडकी अब अन्य हिन्दू लडकियों को धर्मांधों से दूर रहने का सुझाव देते हुए कहती है, ‘आप धर्मांध के जाल में न फंसिए । कोई भी निर्णय लेने से पूर्व आप अपने माता-पिता से बातचीत कीजिए तथा धर्मांध मुसलमानों की क्रूरता का स्मरण कीजिए ।’ महाविद्यालय में पढनेवाली लडकियों को ऐसे प्रसंगों का सामना करना पडना कोई नई बात नहीं है । हिन्दू लडकियों को लव जिहाद के जाल में फंसाने की घटनाएं बडी संख्या में होती रहती हैं; परंतु पीडित हिन्दू लडकियां तथा महिलाएं पुलिस में उसकी शिकायत नहीं करती हैं; क्योंकि उसमें उनकी ही मानहानि होने की संभावना अधिक होती है ।
५. हिन्दुओं को अपने लडके-लडकियों को धर्म की शिक्षा देना आवश्यक !
पूरे विश्व में हिन्दुओं पर अत्याचार होते रहते हैं; परंतु समाचार वाहिनियां तथा समाचार-पत्र उसका सामान्य संज्ञान भी नहीं लेते । उसके कारण समाज को सच्चाई समझ में नहीं आती । देखा जाए, तो पडोसी, परिचित, पुलिस एवं प्रशासन पीडित हिन्दुओं की सहायता नहीं करते, जिससे धर्मांधों को खुली छूट मिलती है; इसलिए हिन्दुओं को उनके लडके-लडकियों को धर्म की शिक्षा देना ही इसका एकमात्र उपाय है ।’
श्रीकृष्णार्पणमस्तु !
– (पू.) अधिवक्ता सुरेश कुलकर्णी, मुंबई उच्च न्यायालय (४.५.२०२४)
लव जिहाद एवं वासनांधता को समर्थन देनेवाले जनप्रतिनिधि !(और इनकी सुनिए…) क्या ‘लव जिहाद’ विरोधी कानून संविधान की कार्यकक्षा में आता है ? – सांसद सुप्रिया सुळेराष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार गुट की सांसद श्रीमती सुप्रिया सुळे ने कहा कि ‘लव जिहाद’ विरोधी कानून संविधान की कार्यकक्षा में आता है न, यह देखना महत्त्वपूर्ण है । संविधान में डॉ. आंबेडकर ने किसे किसके साथ प्रेम करना चाहिए तथा विवाह करना चाहिए, इसकी स्वतंत्रता दी है । देश उनकी (सत्ताधारियों की) इच्छा से नहीं, अपितु संविधान के अनुसार चलता है । (लव जिहाद चलाकर हिन्दू लडकियों तथा महिलाओं से धोखाधडी कर उनका जीवन ध्वस्त करना क्या सुप्रिया सुळे को अपराध नहीं लगता ? हिन्दू लडकियों तथा महिलाओं की धर्मांधों से रक्षा होने हेतु यह कानून बनना आवश्यक है ! – संपादक) |

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