मेजर ध्यानचंद ने १५ अगस्त १९३६ में तानाशाह हिटलर के प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए उत्तर दिया – ‘भारत बिक्री के लिए नहीं है’

स्वतंत्रता के पूर्व ही प्रत्येक भारतीय को गर्व प्रतीत हो, ऐसी घटना १५ अगस्त १९३६ को हुई थी । इस दिन ‘हॉकी के जादूगर’ नाम से पहचाने जानेवाले भारतीय हॉकी खिलाडी मेजर ध्यानचंद ने जर्मनी के तानाशाह हिटलर का एक प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया था ।