
महाशिवरात्रि का उत्सव हर्षाेल्लास के साथ मनाएं । भगवान शिवजी की नियमित रूप से पूजा-अर्चना करें । शिवलिंग पर दूध चढाएं तथा गोशाला को दान दें । गायों का संवर्धन करें तथा इसपर आपत्ति जतानेवालों का समर्थता के साथ विरोध करें । इस प्रकार विरोध करना भी वर्तमान काल की शिवजी के मारक रूप की उपासना है । आशीर्वाद देनेवाले शिवजी की तारक रूप की उपासना करने के साथ ही मारक उपासना कर भगवान शिव को प्रसन्न करने हेतु हम प्रयासरत रहेंगे !
– सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी, धर्मप्रचारक, हिन्दू जनजागृति समिति
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?