देहली में संपन्न हुआ कुत्तों के आक्रमणों पर समाधान ढूंढने का चर्चासत्र !
ऐसे चर्चा सत्र आयोजित ही क्यों करने पडते हैं ? क्या सरकार को जनता की समस्या समझ में नहीं आती ?
ऐसे चर्चा सत्र आयोजित ही क्यों करने पडते हैं ? क्या सरकार को जनता की समस्या समझ में नहीं आती ?
हिन्दुओं को बंगाल में सत्तारूढ तृणमूल कांग्रेस और तमिलनाडु में सत्तारूढ द्रविड मुनेत्र कड़गम (द्रविड प्रगति संघ) को एक राजनीतिक सबक सिखाने की नितांत आवश्यकता है, क्यों की वे केवल हिन्दू देश में हिन्दुओं के उपर होनेवाले अत्याचारों को उजागर करने वाले चित्रपट पर प्रतिबंध लगाते हैं !
मुख्य न्यायाधीश धनंजय चंद्रचूड, न्या. संजय किशन कौल, न्या. एस. आर.भट, न्या. हिमा कोहली तथा न्या. पी. एस. नरसिंह के घटनापीठ के समक्ष इस अभियोग की सुनवाई की जा रही है ।
योग का प्रसार केवल अपने राष्ट्र में नहीं, अपितु पूरे विश्व में होगा और योगधर्म के साथ सनातन धर्म की भी प्रतिष्ठा पूरे विश्व में बढ़ेगी । मैं माताओं और बहनों का आवाहन करता हूं कि प्रतिकूल परिस्थिति में, आपत्ति अथवा गंभीर संकट में स्वधर्म से न डगमगाएं, संयम रखें, योग अपनाएं, सब बाधाएं दूर होंगी ।’’
फिल्म द्वारा पूज्यपाद संतश्री आसाराम बापू का अनादर करने का दावा
पाकिस्तान के केवल राजनेता ही नहीं; अपितु वहां के खिलाडी, कलाकार आदि सभी के रोम रोम में किस सीमा तक भारतद्वेष व्याप्त है, यह इससे ध्यान में आता है ।
प्रधानमंत्री मोदी के दौरे से सांस्कृतिक, वैज्ञानिक एवं आर्थिक सहयोग के लिए नए एवं महत्त्वाकांक्षी उद्देश्य निशि्चत कर भारत-फ्रांस नीतियों की भागीदारी के अगले चरण में जाने की संभावना है ।
इस विषय में प्रतिक्रिया देते हुए कुश्तीगीरों ने कहा, ‘क्या यही दिन देखने के लिए हमने देश के लिए मेडल जीता था ? हमारे सभी मेडल हम सरकार को लौटा देंगे’ ।
भारत में सनातन हिन्दू धर्म की शिक्षा होने से ही यह संभव है । यद्यपि ऐसा है, तब भी हिन्दुओं में धर्मशिक्षा का अभाव तथा पश्चिमी सभ्यता का अंधानुकरण करने से अनेक हिन्दुओं की अधोगति हो रही है, यह भी सच है ! यह रोकने के लिए उन्हें भी धर्मशिक्षा देना आवश्यक है !
दण्ड निर्धारित होने के इतने वर्ष उपरांत भी उसकी कार्यवाही न होना यह पंजाब की अभी तक की सभी पक्षों की सरकारों के लिए लज्जास्पद ! विशेष न्यायालय ने बलवंत सिंह राजोआना को मृत्युदण्ड सुनाया था ।