साधको, ‘उचित विचार प्रक्रिया के साथ परिपूर्ण कृति करना’ साधना का समीकरण है, अतः उसके अनुरूप प्रयास कर साधना में निहित शुद्ध आनंद अनुभव करें !
साधको, ‘हमारा प्रत्येक कृत्य एवं उसके पीछे के विचार की ओर भगवान की दृष्टि है’, इसे ध्यान में लेकर निष्ठापूर्वक साधना करें !’