उत्तर प्रदेश में चार लेन की सड़क में अवरोध बनी  मजार को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया !

ऎसे प्रकरण में यदि कोई हिन्दू मंदिर होता और प्रदर्शनकारी स्पष्ट रूप से हिन्दू ही होते, तो भारत भर में धर्मनिरपेक्षतावासियों ने उनके विरुद्ध आलोचना की झडी लगा दी होती एवं उन्हें ‘विकास विरोधी’ सिद्ध कर त्रस्त कर दिया होता, चूंकि वर्तमान प्रकरण में मुसलमान लिप्त हैं, इसलिए योगी आदित्यनाथ के प्रशासन को ये समुदाय ‘मुसलमान विरोधी’ कहकर उनकी मानहानि करने लगे तो उसका आश्चर्य नहीं होना चाहिए !

न्यायव्यवस्था को सुदृढ करना आवश्यक !

न्यायालय के कार्य की फलोत्पत्ति बढने के लिए ‘अभियोगों (मुकदमों) पर निर्णय देने की सीमा निर्धारित करना आवश्यक है !

महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार के लिए राष्ट्रपति मुर्मू सहित विश्वभर के ५०० नेता उपस्थित रहेंगे !

‘स्वतंत्रतासेनानी और हिन्दुओं के प्रमुख शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती के अंतिम संस्कार के लिए भारत की राष्ट्रपति उपस्थित नहीं थीं’, यह हिन्दुओं ने ध्यान में रखा है !

पाक के प्रशासन ने बाढ पीडित हिन्दुओं को शिविर से बाहर निकाला !

इस घटना का समाचार प्रसारित करनेवाले पाकिस्तानी पत्रकार को बंदी बनाया गया

‘ऋग्वेद मांसाहार करने की अनुमति देता है, ऐसा कहनेवाला जम्मू में मुसलमान अधिकारी निलंबित

हिन्दुओं के धर्मग्रंथों में क्या कहा है, इसकी अपेक्षा इस अधिकारी को उसके धर्मग्रंथ में क्या कहा है और वे प्रत्यक्ष में कर क्या रहे हैं, इस विषय में बोलना चाहिए !

अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन अब केंद्र सरकार के अधिवक्ता !

वर्तमान में ज्ञानवापी प्रकरण में हिन्दू पक्ष की ओर से अधिवक्ता जैन सामने आ (पेश हो) रहे हैं ।

भारतीय क्रिकेट खिलाडी को ‘खालिस्तानवादी’ कहने के कारण भारत सरकार की ओर से ‘विकिपीडिया’ को सूचना (नोटिस)!

४ सितंबर को भारत तथा पाकिस्तान के मध्य हुई एशिया कप (चषक) क्रिकेट प्रतियोगिता में भारत के सिक्ख धर्मी खिलाडी अर्शदीप सिंह के हाथों से एक कैच छूट गया । तत्पश्चात भारत की हार हुई ।

श्री गणेशोत्सव हुबली (कर्नाटक) के ईदगाह मैदान में प्रारंभ हुआ !

३१ अगस्त को श्री गणेशोत्सव के पावन अवसर पर कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश के उपरांत यहां ईदगाह मैदान पर श्री गणेश मूर्ति की स्थापना की गई।

कर्नाटक में मदरसों की निगरानीे के लिए राज्य सरकार स्वतंत्र समिति का गठन करेगी !

मूल रूप से ‘क्या इस देश में मदरसों की आवश्यकता है ?’, इस पर चर्चा होनी चाहिए । मदरसों से जो आतंकी गतिविधियां और आपराधिक गतिविधियों की घटनाएं सामने आ रही हैं, उनको देखते हुए इस विषय में सखोल विचार करने की तत्काल आवश्यकता है !