सप्तर्षि द्वारा सप्तर्षि जीवनाडी-पट्टिकाके माध्यम से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केउपलक्ष्य में साधकों को दिया गया संदेश !

ईश्वर के द्वारा वैकुंठ में किए शंखनाद का स्थूल परिणाम पृथ्वी पर वर्ष २०२५ की श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से लेकर वर्ष २०२६ की श्रीकृष्ण जन्माष्टमी तक घटित होनेवाली कुछ वैश्विक घटनाओं के माध्यम से दिखाई देगा ।

रज-तम का प्रदूषण सभी प्रदूषणों की जड़ है !

‘ध्वनिप्रदूषण, जलप्रदूषण, वायुप्रदूषण आदि से संबंधित सदैव समाचार आते हैं; परंतु धर्म शिक्षा के अभाव में उनकी जड़ रज-तम के प्रदूषण की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता !’