
फोंडा (गोवा) – ‘हिन्दू राष्ट्र की शीघ्रातिशीघ्र स्थापना हो, सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी को स्वास्थ्यलाभ हो तथा साधकों की साधना अच्छे ढंग से हो’, इस उद्देश्य से सप्तर्षि जीवनाडी-पट्टिका में किए गए उल्लेख अनुसार नवरात्रि की अवधि में फोंडा (गोवा) में विभिन्न होम संपन्न हुए । २२ सितंबर अर्थात घटस्थापना के दिन से विभिन्न होम आरंभ किए गए । इसके अंतर्गत ‘बगलामुखी होम’, ‘वाराही होम’, ‘कार्तिकेय होम’ एवं ‘चंडी होम’ किए गए । इस अवसर पर सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी की आध्यात्मिक उत्तराधिकारिणियां श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा नीलेश सिंगबाळजी, श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजली मुकुल गाडगीळजी, साथ ही सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी एवं सद्गुरु डॉ. मुकुल गाडगीळजी की वंदनीय उपस्थिति थी ।
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
कोटि कोटि प्रणाम !
सनातन धर्म के मूर्तिमान स्वरूप सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के श्री चरणों में कोटि-कोटि वंदन !
संपादकीय : गुरुभ्यो नमः ।
प.पू. भक्तराज महाराजजी द्वारा अपने शिष्य डॉ. आठवलेजी के प्रति व्यक्त गौरवोद्गार !
इरोड (तमिलनाडु) में ‘महासुदर्शन याग’ एवं ‘आयुष्य होम’ भावपूर्ण वातावरण में संपन्न !