Attack on Hindus : ‘मुस्लिम बहुल भाग होने के कारण यहां श्रीराम फेरी न निकालें’, ऐसा कहते हुए मस्जिद के निकट हिन्दुओं पर आक्रमण !

जिन मस्जिदों से हिन्दुओं की धार्मिक फेरियों पर आक्रमण किए जाते हैं, अब हिन्दू यदि उन मस्जिदों को बुलडोजर द्वारा ध्वस्त करने की मांग करें, तो आश्‍चर्य कैसा  !

Netflix Denigration Of ShriRam : मुसलमान नायक कहता है कि भगवान श्रीराम मांसाहार करते थे !

चलचित्र को प्रमाणपत्र देते समय केंद्रीय चलचित्र परिनिरीक्षण मंडल को क्या यह दिखाई नहीं देता ? या घूस लेकर प्रमाणपत्र दिए जाते हैं ?’, क्या ऐसा समझें कि मंडलपर किए जानेवाले ऐसे आरोपों में तथ्य है ?

Ayodhya Ram Jyoti Yatra : वाराणसी की २ मुस्लिम महिलाएं अयोध्या से राम ज्योति लेकर मुस्लिम क्षेत्र में जाएंगी !

यह राम ज्योति लेकर वे वाराणसी के मुस्लिम क्षेत्र में जाएंगी तथा वहां ‘भगवान श्रीराम हमारे पूर्वज हैं एवं प्रत्येक भारतीय का डी.एन.ए. एक ही है’, इस संदेश का प्रसार करेंगी ।

Mughals Undeserved Sublimation : मुघल थे, इसलिए देश में लोकतंत्र शक्तिशाली रहा !

पीछले साढे पांच सौ वर्षाें के अथक संघर्ष के उपरांत अयोध्या में श्रीराम मंदिर बनाया जा रहा है । चौधरी जैसों के लिए यही एक दुःख की बात है तथा राजनीतिक पराजय भी ! चौधरी और उनके जैसे हिन्दूद्वेषी राजनीतिज्ञ निराशा के कारण ऐसे वक्तव्य दे रहे हैं !

श्री राम के नाम पर राजनीति करना मूर्खता है !

जो राजनेता भगवान श्री राम के नाम पर राजनीति कर रहे हैं, वे अपनी रगों में बसे हिन्‍दू द्वेष को उजागर कर रहे हैं ।

Politics Against Shriram : प्रभु श्रीराम के संदर्भ में राजनीति करना अपेक्षित नहीं ! – प.पू. स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज

प्रभु श्रीराम के मंदिर के लिए हम सभी को एकत्रित होना आवश्यक है । उसपर राजनीति करना अपेक्षित नहीं है, ऐसा प्रतिपादन प.पू. स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज ने किया ।

प्रभु श्रीराम ने वनवास में मांसाहार किया, ऐसा किसी भी ग्रंथों में लिखा नहीं है !

जितेंद्र आव्हाड के वक्तव्य पर श्रीराम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता जो कुछ बोल रहे हैं, वह असत्य है । स्त्रों में लिखा है कि वनवास में वे कंदमूल खाते थे ।

Denigration Prabhu Shriram : ‘श्री राम मांसाहारी थे’ कहने वाले जितेंद्र आव्हाड के विरुद्ध नासिक में अभियोग (मुकदमा) प्रविष्ट !

कभी श्री सरस्वती देवी, कभी भगवान श्रीराम, तो कभी अभद्र भाषा में वे जो तिरस्कार करते हैं, उससे पता चलता है कि उनकी रगों में कितना हिन्दू द्वेष फैला हुआ है ! क्या यह उन हिन्दुओं को स्वीकार्य है जिन्होंने आव्हाड को वोट देकर चुना ?

Ram Mandir : २९ दिसंबर को होगा श्रीरामलला की मूर्ति का चयन

प्राणप्रतिष्ठा के लिए ३ मूर्तियां बनाई गई हैं ।

राम-कृष्ण की सेवा ही देश-सेवा है ! – पेजावर मठ के विश्‍वप्रसन्न तीर्थ श्रीपाद

उन्होंने आगे कहा, ‘ऐसा मत समझना कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण किया, अर्थात हमारा काम हो गया । अब हम पर नया दायित्व है । यदि आनेवाले अनेक शतक श्रीराम मंदिर बनाए रखना हो, तो देश के हिन्दुओं को ‘हिन्दू’ के रूप में ही रहना होगा ।