‘अबू आजमी पर देशद्रोह का अपराध पंजीकृत कीजिए !’
विधानसभा से आजमी को निलंबित करने की मांग पर महायुति आक्रामक
औरंगजेब के महिमामंडन प्रकरण पर विधानसभा का कामकाज दिनभर के लिए स्थगित !
विधानसभा से आजमी को निलंबित करने की मांग पर महायुति आक्रामक
औरंगजेब के महिमामंडन प्रकरण पर विधानसभा का कामकाज दिनभर के लिए स्थगित !
‘चोर भी और ऊपर से शिरजोर’ – यह समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी की पुरानी प्रवृत्ति है। लेकिन किसी भी सरकार ने कभी उन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण वे इस तरह की बेलगाम बयानबाजी करते रहते हैं।
अगर अबू आज़मी को औरंगजेब से इतना प्यार है तो ऐसे आदमी को औरंगजेब की कब्र के पास ही सोना चाहिए । क्या उसपर केवल निलंबित करने की कार्रवाई करेंगे ?
अभिजात (उच्च) भाषा होने के बावजूद मराठी की यह दुर्दशा दुर्भाग्यपूर्ण है !
अब इसका क्या उपयोग है ? क्या संबंधित प्राधिकारियों ने प्रमाणपत्रों को जारी करने से पहले उनका सत्यापन नहीं किया ? ऐसी लापरवाही करके मुंबई विश्वविद्यालय की अपकीर्ति करने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए !
वीर सावरकर के ‘अनादि मी, अनंत मी’ इस गीत को मिला पुरस्कार !
यदि किसी कांग्रेस अथवा अन्य नेता ने मुस्लिम धर्मगुरुओं के बारे में आपत्तिजनक वक्तव्य दिया होता तो अब तक ’सर तन से जुदा’ का फतवा जारी हो गया होता !
मराठी विद्यालयों की यह दुर्दशा सरकार की मराठी भाषा से संबंधित नीतियों की फलोत्पति पर प्रश्नचिन्ह खडा करती है, ऐसा किसी ने कहा, तो उसमें अनुचित क्या है ?
इससे यह सिद्ध होता है कि धर्मांध कट्टर मुसलमान हिन्दुओं के विरुद्ध बोलने का एक भी अवसर नहीं छोडते। हिन्दुओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसे हिन्दुत्व द्रोही लोग हिन्दू त्योहारों और देवी-देवताओं पर टिप्पणी करने का साहस न कर सकेंगे !
कॉ. पानसरे, डॉ. नरेंद्र दाभोलकर जैसे तथाकथित प्रगतिवादियों की हत्या के मामलों में जांच एजेंसियों पर भारी दबाव डाला गया। जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही जांच पर ध्यान दिए बिना, सनातन संस्था पर प्रतिबंध लगाने की बार-बार मांग की गई।