‘अबू आजमी पर देशद्रोह का अपराध पंजीकृत कीजिए !’

विधानसभा से आजमी को निलंबित करने की मांग पर महायुति आक्रामक
औरंगजेब के महिमामंडन प्रकरण पर विधानसभा का कामकाज दिनभर के लिए स्थगित !

‘इतिहासकारों की जानकारी के आधार पर औरंगजेब को उत्कृष्ट शासक बताया’

‘चोर भी और ऊपर से शिरजोर’ – यह समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी की पुरानी प्रवृत्ति है। लेकिन किसी भी सरकार ने कभी उन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण वे इस तरह की बेलगाम बयानबाजी करते रहते हैं।

अबू आजमी को औरंगजेब की कब्र के बगल में सोना चाहिए ! – नितेश राणे, बंदरगाह विकास मंत्री

अगर अबू आज़मी को औरंगजेब से इतना प्यार है तो ऐसे आदमी को औरंगजेब की कब्र के पास ही सोना चाहिए । क्या उसपर केवल निलंबित करने की कार्रवाई करेंगे ?

मुंबई में बेस्ट बसों में लिखे निर्देशों में अशुद्ध मराठी शब्दों को लेकर मराठी भाषा प्रेमी नाराज हैं !

अभिजात (उच्च) भाषा होने के बावजूद मराठी की यह दुर्दशा दुर्भाग्यपूर्ण है !

१ लाख ६४ हजार स्नातक छात्रों के प्रमाण पत्रों पर ‘Mumbai’ के स्थान पर ‘Mumabai’ ऐसे गलत लिखा गया था !

अब इसका क्या उपयोग है ? क्या संबंधित प्राधिकारियों ने प्रमाणपत्रों को जारी करने से पहले उनका सत्यापन नहीं किया ? ऐसी लापरवाही करके मुंबई विश्वविद्यालय की अपकीर्ति करने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए !

Chhatrapati Sambhaji Maharaj : महाराष्ट्र सरकार की ओर से ‘छत्रपति संभाजी महाराज महाराष्ट्र प्रेरणागीत’ पुरस्कार की घोषणा

वीर सावरकर के ‘अनादि मी, अनंत मी’ इस गीत को मिला पुरस्कार !

जगद्गुरु नरेंद्राचार्यजी महाराज द्वारा कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार के विरुद्ध शिकायत दर्ज !

यदि किसी कांग्रेस अथवा अन्‍य नेता ने मुस्‍लिम धर्मगुरुओं के बारे में आपत्तिजनक वक्तव्‍य दिया होता तो अब तक ’सर तन से जुदा’ का फतवा जारी हो गया होता !

पिछले १० वर्षाें में मुंबई महानगरपालिका द्वारा संचालित मराठी माध्यम के १०० से अधिक विद्यालय बंद !

मराठी विद्यालयों की यह दुर्दशा सरकार की मराठी भाषा से संबंधित नीतियों की फलोत्पति पर प्रश्नचिन्ह खडा करती है, ऐसा किसी ने कहा, तो उसमें अनुचित क्या है ?

Farah Khan’s Holi Insult : (और इनकी सुनिए….) होली उद्देश्य हीन भटकने वाले छप्पर लोगों की पसंद का त्योहार है ! – फराह खान

इससे यह सिद्ध होता है कि धर्मांध कट्टर मुसलमान हिन्दुओं के विरुद्ध बोलने का एक भी अवसर नहीं छोडते। हिन्दुओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसे हिन्दुत्व द्रोही लोग हिन्दू त्योहारों और देवी-देवताओं पर टिप्पणी करने का साहस न कर सकेंगे !

स्वयंभू प्रगतिवादियों की हत्याओं से लाभ उठाने और सनातन संस्था को पीडित करने का प्रयास ! – अभय वर्तक, प्रवक्ता, सनातन संस्था

कॉ. पानसरे, डॉ. नरेंद्र दाभोलकर जैसे तथाकथित प्रगतिवादियों की हत्या के मामलों में जांच एजेंसियों पर भारी दबाव डाला गया। जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही जांच पर ध्यान दिए बिना, सनातन संस्था पर प्रतिबंध लगाने की बार-बार मांग की गई।