Kallazhagar Temple Row : मंदिर के धन से होनेवाली तमिलनाडु सरकार की परियोजना को मद्रास उच्च न्यायालय ने किया निरस्त !
मंदिर का धन केवल धार्मिक उद्देश्यों के लिए ही व्यय किया जा सकता है ! – उच्च न्यायालय
मंदिर का धन केवल धार्मिक उद्देश्यों के लिए ही व्यय किया जा सकता है ! – उच्च न्यायालय
अमेरिकी पुलिस ने राष्ट्रीयता के आधार (नस्लीय रवैये) को लेकर पहले हुई थी तीव्र आलोचना ।
अनधिकृत फेरीवालों पर कार्रवाई का उत्तरदायित्व दिए जाने पर भी उसे पूर्ण न करने, बिना कारण बताए लंबे समय तक अनुपस्थित रहने, एवं वरिष्ठों के आदेशों का उल्लंघन करने के कारण यह कार्रवाई की गई है ।
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में देश की सर्वाधिक हिन्दू अल्पसंख्यक जनसंख्या रहती है । इस प्रांत में ईशनिंदा के आरोपों के चलते बार-बार सांप्रदायिक हिंसा भडकती रहती है । प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, ये आक्रमण एक निश्चित नियम के अंतर्गत किए जाते हैं ।
राहुरी के प्रसिद्ध श्री बुवासिद्ध देव मंदिर में सकल हिन्दू समाज की ओर से १३ जनवरी को महाआरती का आयोजन किया था, उस समय नाथजी की चरणपादुकाएं रखी गई थीं । महाआरती संपन्न होने के पश्चात प्रशासन ने नाथजी की चरणपादुकाएं हटाने का निर्णय लिया ।
कोल्हापुर के सार्वजनिक मूत्रालयों की दुःस्थिति की पृष्ठभूमि पर हिन्दू विधिज्ञ परिषद का महापालिका आयुक्त को पत्र l
अब तक ४ बार पुरातत्व विभाग द्वारा दोनों मूर्तियों पर विविध प्रकार के रसायनों का लेपन किया गया । – मंदिर सरकारीकरण का दुष्परिणाम !
फलक फाडने के कारण १ जनवरी को भाजपा-कांग्रेस समर्थकों के मध्य हिंसक संघर्ष हुआ । भाजपा विधायक जनार्दन रेड्डी तथा कांग्रेस विधायक भरत रेड्डी के समर्थकों के मध्य यह संघर्ष हुआ ।
दिशाहीन शासन तथा भ्रष्टाचार से घिरा पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक तंगी में फंसा जा रहा है । इसीलिए अब वहां के हजारों पढे-लिखे नागरिकों ने देश को छोड दिया है ।
स्वतंत्रता के ७८ वर्षों के पश्चात् भी आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान न कर पाने वाली सभी दल की सरकारों के लिए यह लज्जाजनक है !