भारतीय वंश के थर्मन षण्मुगरत्नम् बने सिंगापुर के ९ वें राष्ट्राध्यक्ष !

भारतीय वंश के थर्मन षण्मुगरत्नम् सिंगापुर के राष्ट्राध्यक्ष बने । राष्ट्राध्यक्षपद के लिए हुए चुनावों में उन्होंने चीनी वंश के २ प्रत्याशियों (उम्मीदवारों) को पराभूत किया ।

मणिपुर विधानसभा का एक दिवसीय सत्र हो-हल्ले के कारण अनिश्‍चित काल के लिए स्थगित

३ माह के उपरांत विधानसभा का सत्र बुलाया गया था । कांग्रेस के विधायक विधानसभा का सत्र ५ दिन चलाने की मांग कर रहे थे ।

(और इनकी सुनिए…) ‘जाति के नाम पर सनातन धर्म ने किया देश का विभाजन !’ – तमिलनाडू विधानसभा अध्यक्ष अप्पावू

अंग्रेजों ने वर्ष १७९५ में छुद्रों सहित प्रत्येक को स्वामित्व का अधिकार दिया, तो वर्ष १९४७ तक, अर्थात १५० वर्षों में छुद्रों के पास भूमि क्यों नहीं थी ?

मणिपुर हिंसा के १७ प्रकरणों की जांच सीबीआई करेगी

सीबीआई के ५३ अधिकारियों के जांच दल में २९ महिला अधिकारी !

७७ वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विश्व के नेताओं ने किया भारत का अभिनंदन !

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि, इस विशेष दिन के लिए भारत को विशेष शुभकामना ! भारत के साथ हमारे रणनीतिक सहकार्य हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं ।

सरकारी कार्यक्रम में ‘भारतमाता की जय’का जयघोष करने पर बसपा के धर्मांध सांसद का विरोध !

भारतमाता की जयजयकार करनेवालों का विरोध करनेवाले बसपा के सांसद दानिश अली भारत को इस्लामी देश बनाने की घोषणा करनेवाले जिहादियों के विषय में एक शब्द भी नहीं बोलते, यह ध्यान में रखें !

नूंह (हरियाणा) में पुलिस अधीक्षक  का स्थानांतर

यहां के पुलिस अधीक्षक वरुण सिंह का स्थानांतर किया गया है तथा उनके स्थान पर नरेंद्र बिजारनिया की नियुक्ति की गई है ।

देश के ४ सहस्र विधायकों के पास ५४ सहस्र ५४५ करोड रुपए की संपत्ति !

‘ए.डी.ए.आर.’ स्वयंसेवी संस्था का विवरण (रिपोर्ट)!

आगामी ३ दिनों में देश के २२ राज्यों में मूसलाधार वर्षा की संभावना !

दक्षिण एवं किनारी ओडिशा के अनेक भागों में मूसलाधार से अति मूसलाधार वर्षा की संभावना है । मछुआरों को २७ जुलाई तक समुद्र में न जाने की सूचना दी गई है ।

(और अब इनकी सुनिए…) ‘गजमुख के भगवान श्री गणेश केवल एक दंतकथा !’ – ए. एन. शमसीर के विषैले बोल 

भारतीय संविधान धर्मनिरपेक्ष है । ऐसा होने पर भी संविधान द्वारा प्रदान किए गए एक महत्त्वपूर्ण पद पर रहते हुए शमसीर को हिन्दू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत करने का अधिकार किसने दिया ? धर्म-निरपेक्षवादी इस पर कुछ नहीं बोलते, यह ध्यान में लें !