घर छोडकर जाएं, अन्यथा बडी कीमत चुकानी पडेगी !
जिस प्रकार इजरायल आतंकवादियों के विरोध में कार्रवाई करता है, वैसे ही भारत ने अभी तक किया होता, तो अभी तक भारत आतंकवाद मुक्त हो गया होता तथा कश्मीर में हिन्दू निर्भयता से रह रहे होते !
जिस प्रकार इजरायल आतंकवादियों के विरोध में कार्रवाई करता है, वैसे ही भारत ने अभी तक किया होता, तो अभी तक भारत आतंकवाद मुक्त हो गया होता तथा कश्मीर में हिन्दू निर्भयता से रह रहे होते !
इस बैठक में मंदिरों की प्रथा-परंपराओं पर होनेवाले आघात रोकने के लिए संगठितरूप से लडना और सरकारीकरण किए गए देवस्थानों में भारी मात्रा में हो रही भक्तों की लूट-खसोट रोकने के लिए शीघ्र कदम उठाना, इनके लिए भी संगठित होकर कृति करने का निर्धार किया गया ।
यह घटना दर्शाती है कि अब हिन्दू सडक पर ही नहीं, अपितु मंदिरों में भी असुरक्षित हैं ! कट्टरपंथी मुस्लिमों के व्यर्थ (फिजूल) प्यार-दुलार की आपूर्ति करने से ही वे कानून-सुव्यवस्था को स्वीकार नहीं करते हैं ।
३ वर्ष पूर्व १६ अक्टूबर २०२० को पेरिस में सैमुअल पैटी नामक एक अध्यापक का उनके मुसलमान छात्र ने ‘अल्लाहू अकबर’ करते हुए शिरच्छेद (सर तन से जुदा) किया था । इसकी तीव्र प्रतिक्रियाएं पूरे संसार में उमडी थी ।
लव जिहाद को पाखंड कहनेवाले अथवा हिदुत्वनिष्ठों को ‘प्रेम को धर्म की दृष्टि से न देखें’, इस प्रकार उपदेश की घुट्टी पिलानेवाले अब खुशबू के परिजनों के विरोध में चुप क्यों ?
इस्रालय द्वारा गाजा पट्टी में सेना घुसाने की घोषणा करने के उपरांत यह धमकी दी गई है ।
निधर्मीवादी एवं आधुनिकतावादी, इसके साथ ही मंदिरों में जानेवाले राहुल गांधी इस विषय में कुछ बोलेंगे ? या फिर गांधीवादियों को लगता है कि जहां मुसलमान बहुसंख्यक हैंं, वहां हिन्दुओं को धर्मांध मुसलमानों के बताए अनुसार करना चाहिए ?
‘जिहादी आतंकवादियों को फांसी का दंड होना आवश्यक है’, ऐसे ही प्रत्येक राष्ट्राभिमानी को लगेगा, इसमें शंका नहीं !
भारत में जिहादी आतंकवादी आक्रमण कर हिन्दुओं की हत्या करनेवाले पाकिस्तान को ‘आतंकवादी देश’ घोषित करने की मांग कभी इस बोर्ड ने अथवा अन्य एक भी मुसलमान संगठन ने नहीं की, यह समझ लें !
फिलिस्तीन ने इजरायल पर ‘फॉस्फोरस बम’ का उपयोग करने का आरोप लगाया है जो वायु से ऑक्सीजन शोषित कर हड्डियों को पिघला देता है, इजरायल की इस कार्रवाई को फिलिस्तीन ने युद्ध अपराध कहा है।