केरल के ‘अद्वैत आश्रम’ के स्वामी चिदानंदपुरी की अपकीर्ति करने का कम्युनिस्टों का अश्लील प्रयास !
जब केरल में ऐसी कई घटनाएं होती हैं, तब कम्युनिस्ट, पाद्रियों का समर्थन करने का ही प्रयास करते हैं ; परंतु, असत्य आरोप लगाकर हिन्दू संतों की अपकीर्ति करने में कम्युनिस्ट सबसे आगे हैं ; यही कम्युनिस्टों का पाखंड है, यह ध्यान में रखें !