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श्रीनगर (जम्मू -कश्मीर) – मुझे अपेक्षा है कि अफगानिस्तान में तालिबान इस्लामी कानून के आधार पर अच्छा शासन करेगा एवं उनके द्वारा मानवाधिकारों का सम्मान किया जाएगा । तालिबान सरकार के गठन के संबंध में प्रसार माध्यमों से बात करते हुए, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुख्य नेता फारूक अब्दुल्ला ने कहा, कि उन्हें सभी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित करने चाहिए ।
#TaalThokKe Special Edition : #FarooqAbdullah को आतंकियों से सुशासन की उम्मीद ?@SachinArorra #Taliban #Kashmir
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— Zee News (@ZeeNews) September 8, 2021
जहां तालिबान-प्रेमी मुसलमान अल्पसंख्यक हैं, वहां वे सर्वधर्म समभाव चाहते हैं ; परंतु, जहां बहुसंख्यक हैं, वहां वे इस्लामी कानून चाहते हैं ! – भाजपा

भाजपा ने अब्दुल्ला के वक्तव्य की आलोचना की है । जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता निर्मल सिंह ने कहा, कि जब तालिबान द्वारा महिलाओं तथा अल्पसंख्यकों पर अत्याचार किए जा रहे हैं, तब भी अब्दुल्ला तालिबान का पक्ष लेते हुए दिखाई दे रहे हैं । जिन देशों में मुसलमान अल्पसंख्यक हैं, उस देश में अब्दुल्ला सर्वधर्म समभाव चाहते हैं तथा जहां मुसलमान बहुसंख्यक हैं, वहां वे इस्लामी कानून चाहते हैं ।
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