Chatrapati Shivaji Maharaj : हमें शिवाजी महाराज की समुद्री शक्ति पुनः प्राप्त करनी है ! – प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने कहा, ‘छत्रपति शिवाजी महाराज ने सबसे पहले यह अनुभव किया था कि किसी देश के लिए समुद्री शक्ति कितनी महत्त्वपूर्ण होती है । उन्होंने ही भारतीय नौसेना की नींव रखी थी । ‘समुद्र पर जिसका प्रभुत्व, वही सर्वशक्तिमान व्यक्ति,’ यह बात उन्होने पहचानी ।

Navy Day : नौसेना में भारतीय परंपरा के अनुसार पदों के नाम  दिए जाएंगे ! – प्रधानमंत्री मोदीजी की घोषणा

अब इस पर कथित धर्मनिरपेक्षतावादी राजनैतिक पार्टियां, साम्यवादी एवं आधुनिकतावादी टोली चिल्लाना आरंभ कर दें कि भारतीय नौसेना का भगवाकरण हो रहा है, तो इसमें आश्‍चर्य कैसा !

Chatrapati Shivaji Maharaj : प्रधानमंत्री ने राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी की भव्य प्रतिमा का किया अनावरण !

भारतीय नौसेना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ४ दिसंबर की दोपहर सिंधुदुर्ग जिले में पहुंचे । राजकोट में मालवन के समुद्र तट पर छत्रपति शिवाजी महाराज की ४५ फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया गया ।

कालानुरूप अपेक्षित ऐसे प्रचारमाध्यमों का प्रयोग कर मंदिरों द्वारा उनके विषय समाज तक पहुंचने चाहिएं ! – श्री. नीलेश खरे, संपादक, ‘जी २४ तास’

अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने के लिए हमने तीर्थयात्रा, मेलों के वृत्त चैनल पर कैसे प्रसारित कर सकेंगे ‘, इसका विचार कर इसका वृत्त देने का प्रयास किया ।

Advocate Vishnu Jain : काशी-मथुरा मुक्त कर पुनः सनातन धर्म को सौंपने का समय आ गया है ! – अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन, सर्वोच्च न्यायालय

ओजर में आयोजित ‘महाराष्ट्र मंदिर-न्यास परिषद’ में उपस्थित मंदिरों के न्यासियों को मंदिरों की रक्षा के लिए संघर्ष करने का आवाहन करते समय ऐसा बोल रहे थे ।

धर्म, भक्त एवं देवताओं का हित ध्यान में लेकर मंदिरों का व्यवस्थापन करें !

‘मंदिर सुव्यवस्थापन’ परिसंवाद में न्यासियों की भावना !

२६४ मंदिरों में लागू होगी वस्‍त्र संहिता, महाराष्ट्र के १६ जिलों में होगा ’जिला मंदिर न्‍यास सम्‍मेलन’ !

यहां आयोजित ’महाराष्ट्र मंदिर न्‍यास परिषद’ का समापन ३ दिसंबर को हुआ । ‘महाराष्ट्र मंदिर न्‍यास परिषद’ में समान कृति कार्यक्रम निश्‍चित !

जब तक देह में प्राण हैं, तब तक मठ-मंदिरों तथा सनातन धर्मरक्षा का व्रत लो ! – महंत सुधीरदासजी महाराज, कालाराम मंदिर, नासिक

राज्‍य स्‍तरीय महाराष्ट्र मंदिर-न्‍यास परिषद ओझर (पुणे) में प्रारम्‍भ !  
मंदिरों की सुरक्षा तथा संरक्षण के लिए राज्‍य भर से ५५० से अधिक श्रद्धालु एकत्रित !

श्रीकृष्ण के प्रति आस्था एवं भक्ति भाव में वृद्धि करनेवाला एक विद्वतापूर्ण ग्रंथ: ‘योगेश्वर श्रीकृष्ण’ ! – सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले

सनातन संस्था के प्रचारक सद्गुरु स्वाती खाड्येजी के करकमलों से वरिष्ठ लेखक एवं व्याख्याता श्री. दुर्गेश पारुलकर लिखित ग्रंथ ‘योगेश्वर श्रीकृष्ण’ का लोकार्पण हुआ ।

नक्सलवादियों का ‘हमास’ को समर्थन !

आतंकवादी एवं नक्सलवादियों की अंदर से यह कैसी मिली-भगत है ? इसका एक और प्रमाण ! सरकार को नक्सलियों को पूर्णतः नष्ट करना ही उसका समाधान है !