क्रोध, लोभ, मत्सर और मन की चंचलता दूर करने का सरल उपाय ‘योगदर्शन’ !
सभी हिन्दू धर्मग्रंथ तथा धार्मिक साहित्य का उद्देश्य एक ही है और वह है कि मनुष्य को नीतिमूल्यों का आदर करना सिखाना ।
सभी हिन्दू धर्मग्रंथ तथा धार्मिक साहित्य का उद्देश्य एक ही है और वह है कि मनुष्य को नीतिमूल्यों का आदर करना सिखाना ।
योगासन मात्र शारीरिक व्यायाम नहीं, किंतु आध्यात्मिक व्यायाम हैं । मानसिक स्तर पर कार्य करनेवाले धर्मद्रोहियों का कार्य और उनके नाम कुछ वर्ष उपरांत किसी के ध्यान में नहीं रहते ।
‘अ’ का उच्चारण पेट से, जहां पित्त होता है, ‘उ’ का उच्चारण छाती से, जहां वात रहता है और ‘म’ का उच्चारण गले से होता है, जहां कफ होता है । ‘अ’, ‘उ’ और ‘म’ कहते समय ये तीनों, अर्थात वात, पित्त, कफ के मूल स्थान संतुलित रहने में सहायता होती है ।
योग अर्थात मन और शरीर में सुसंवाद प्रस्थापित करने के लिए किया जानेवाला अभ्यास । योग का उद्देश्य है; मानसिक संतुलन निर्माण करना, शारीरिक स्वास्थ्य सुधारना और आत्म साक्षात्कार करना ।
१५ अगस्त को महर्षि अरविंदजी का जन्मदिवस अर्थात उनकी जयंती ! १९वीं एवं २०वीं शताब्दी में भारतवर्ष में दो महर्षि हुए । उनमें एक थे महर्षि दयानंद सरस्वतीजी तथा दूसरे थे महर्षि अरविंद ! इसीलिए एक लोकोत्तर महर्षि के चरित्रचिंतन के लिए ही इस लेख का यह प्रयोजन है !
मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहने, चिडचिडापन अल्प होने तथा एकाग्रता बढने का दावा !
‘सूर्यनमस्कार इस्लामविरोधी है’, ऐेसा कहते हुए अंतरराष्ट्रीय योग दिन को विरोध करनेवाले लोगों को क्या हिन्दुओं की पवित्र तुलसी स्वीकार है ?
इस्लामी देश योग दिवस मनाते हैं,सूर्यनमस्कार करते हैं, तो भारतीयों (मुस्लिमों ) को हर समय परेशानी क्यों होती है ? धर्मनिरपेक्षतावादी और प्रगतिशील लोग यह क्यों नहीं कहते कि वे स्वयं को और अधिक कटु दिखाने के लिए जानबूझकर इसका विरोध कर रहे हैं ?
हिन्दुओं के देवी-देवताओं के स्तोत्रों की आलोचना करनेवाले बुद्धिप्रामाण्यवादियों को इस विषय में क्या कहना हैं ?
इसमें मकवाना पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया गया है ।