Maulana Shahabuddin Rizvi : (और इनकी सुनिए…) ‘सूर्यनमस्कार इस्लाम के अनुसार हराम है !’

अखिल भारतीय मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी द्वारा ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ पर आलोचना

बरेली (उत्तर प्रदेश) – अखिल भारतीय मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के बारे में कहा कि हर महिला तथा पुरुष को योग करना चाहिए । मदरसों तथा मस्जिदों में भी योग करना चाहिए ; परंतु, सूर्यनमस्कार यह सनातन धर्म अर्थात हिन्दुओं का एक मार्ग है, जो इस्लाम के अनुसार हराम है ।

संग्रहित तस्वीरें

सूर्यनमस्कार का अर्थ है सूरज को देखकर उसकी पूजा करना । ये सभी बातें इस्लाम में वर्जित हैं । इस्लाम में सूर्य की पूजा करना निषिद्ध है; इसलिए हमने सभी को सूर्य नमस्कार करने से मना किया है ।

मौलाना रजवी के इस वक्तव्य पर उत्तर प्रदेश के सहकारिता मंत्री जे.पी.एस. राठौड़ ने कहा कि इससे अधिक संकीर्ण सोच और कुछ नहीं हो सकती । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर एक नया विवाद शुरू हो गया है , पर बहुत से लोग इस पर ध्यान नहीं देते । जिस तरह हमारा सूर्य सत्य है, उसी प्रकार सूर्यनमस्कार भी सत्य है ।

संपादकीय भूमिका

जब सऊदी अरब, इंडोनेशिया, मलेशिया जैसे इस्लामी देश योग दिवस मनाते हैं  तथा सूर्यनमस्कार करते हैं, तो भारतीयों (मुस्लिमों ) को हर समय परेशानी क्यों होती है ? धर्मनिरपेक्षतावादी तथा प्रगतिशील लोग यह क्यों नहीं कहते कि वे स्वयं को और अधिक कटु दिखाने के लिए जानबूझकर इसका विरोध कर रहे हैं ?