अखिल भारतीय मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी द्वारा ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ पर आलोचना 
बरेली (उत्तर प्रदेश) – अखिल भारतीय मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के बारे में कहा कि हर महिला तथा पुरुष को योग करना चाहिए । मदरसों तथा मस्जिदों में भी योग करना चाहिए ; परंतु, सूर्यनमस्कार यह सनातन धर्म अर्थात हिन्दुओं का एक मार्ग है, जो इस्लाम के अनुसार हराम है ।

सूर्यनमस्कार का अर्थ है सूरज को देखकर उसकी पूजा करना । ये सभी बातें इस्लाम में वर्जित हैं । इस्लाम में सूर्य की पूजा करना निषिद्ध है; इसलिए हमने सभी को सूर्य नमस्कार करने से मना किया है ।
🧘♂️ “Surya Namaskar is haram in Islam” – Maulana Shahabuddin Rizvi 🇮🇳
The All India Muslim Jamaat chief slams International Yoga Day! 🙄
But if 🇸🇦 Saudi, 🇮🇩 Indonesia & 🇲🇾 Malaysia can embrace Yoga…
Why do hardliners in India object? Just to appear more radical? 🤔
Where are… pic.twitter.com/6StMy3I0lK
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) June 21, 2025
मौलाना रजवी के इस वक्तव्य पर उत्तर प्रदेश के सहकारिता मंत्री जे.पी.एस. राठौड़ ने कहा कि इससे अधिक संकीर्ण सोच और कुछ नहीं हो सकती । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर एक नया विवाद शुरू हो गया है , पर बहुत से लोग इस पर ध्यान नहीं देते । जिस तरह हमारा सूर्य सत्य है, उसी प्रकार सूर्यनमस्कार भी सत्य है ।
संपादकीय भूमिकाजब सऊदी अरब, इंडोनेशिया, मलेशिया जैसे इस्लामी देश योग दिवस मनाते हैं तथा सूर्यनमस्कार करते हैं, तो भारतीयों (मुस्लिमों ) को हर समय परेशानी क्यों होती है ? धर्मनिरपेक्षतावादी तथा प्रगतिशील लोग यह क्यों नहीं कहते कि वे स्वयं को और अधिक कटु दिखाने के लिए जानबूझकर इसका विरोध कर रहे हैं ? |
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