क्रोध, लोभ, मत्सर और मन की चंचलता दूर करने का सरल उपाय ‘योगदर्शन’ !

सभी हिन्दू धर्मग्रंथ तथा धार्मिक साहित्य का उद्देश्य एक ही है और वह है कि मनुष्य को नीतिमूल्यों का आदर करना सिखाना । सद्धर्म में सदैव आनेवाली बडी बाधाएं हैं – क्रोध, लोभ, मत्सर और मन की चंचलता । इन बाधाओं को दूर करने का सबसे सरल और सादा उपाय है – पतंजलि द्वारा बताया आसनों के परे विद्यमान ‘योगदर्शन’ ।