
सभी हिन्दू धर्मग्रंथ तथा धार्मिक साहित्य का उद्देश्य एक ही है और वह है कि मनुष्य को नीतिमूल्यों का आदर करना सिखाना । सद्धर्म में सदैव आनेवाली बडी बाधाएं हैं – क्रोध, लोभ, मत्सर और मन की चंचलता । इन बाधाओं को दूर करने का सबसे सरल और सादा उपाय है – पतंजलि द्वारा बताया आसनों के परे विद्यमान ‘योगदर्शन’ ।
‘महाराष्ट्र चिकित्सा प्रतिष्ठान अधिनियम’ लाया जाएगा ! – प्रकाश आबिटकर, स्वास्थ्य मंत्री
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
Dhaka Hindu Protest : ढाका में हिन्दुओं ने निकाला विशाल मशाल जुलूस !
छोटे बच्चों को गोमांस देने का परामर्श का प्रकरण !
संपादकीय : नागरिक शास्त्र केवल पुस्तक में ?
केरल में दीपप्रज्वलन का विवाद : राष्ट्रीय व्यक्तित्व की आत्मा संस्कृति है या धर्म ?