
‘ॐ’कार के उच्चारण से वात, पित्त, कफ संतुलित रहता है । ‘अ’ का उच्चारण पेट से, जहां पित्त होता है, ‘उ’ का उच्चारण छाती से, जहां वात रहता है और ‘म’ का उच्चारण गले से होता है, जहां कफ होता है । ‘अ’, ‘उ’ और ‘म’ कहते समय ये तीनों, अर्थात वात, पित्त, कफ के मूल स्थान संतुलित रहने में सहायता होती है । परिणामस्वरूप व्यक्ति को रोगमुक्त होने में सहायता मिलती है । (संदर्भ :‘प्रशांतजे योगा’ वीडियो)
Europe Heatwave : यूरोप में उष्णता की लहर – तापमान ४० अंश सेल्सियस से अधिक ।
Obesity Among Children : यूरोपीय देशों की भांति भारत के बच्चों में बढ रहा है मोटापे का संकट ।
Pune Water pollution : ६०० दशलाख (मिलियन) लीटर मलजल सीधे नदी क्षेत्र में छोडे जाने के कारण पुणे नगर की नदियां प्रदूषण के जाल में !
योग शरीर को ४० वर्ष की आयु में २० वर्ष की आयु से भी अधिक लचीला बनाने में सहायक है ! – PM Narendra Modi
Drug Combinations Ban : केंद्र सरकार द्वारा १६ प्रकार की मिश्रित औषधियों पर प्रतिबंध ।
देवभूमि को कचरे से मत भरो । – Foreign Women Tourist