कश्मीर में आतंकवादियों ने बैंक व्यवस्थापक विजय कुमार की हत्या की !

आतंकवादियों द्वारा एक के बाद एक हिन्दुओं की हत्याओं को देखकर यह स्पष्ट है कि उन्होंने हिन्दुओं तथा सरकार के विरुद्ध सीधे युद्ध की घोषणा की है ! क्या सरकार अब जिहादियों को मात देगी ? या क्या यह ऐसे ही आरंभ चलता रहेगा ?

बांग्लादेश से घुसपैठ के लिए आतंकियों ने किया चिकित्सा एवं पर्यटक वीजा का प्रयोग !

क्या भारत आने से पूर्व, हमारी सरकारी यंत्रणाओं द्वारा उनकी पृष्ठभूमि की जांच नहीं की जाती है ? यदि होती है, तो ऐसे आतंकवादी देश में पहुंचते कैसे हैं ? इस गंभीर सुरक्षा चूक के लिए उत्तरदायी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए !

कश्मीर में जिहादी आतंकवादी द्वारा हिन्दू महिला शिक्षिका की हत्या

कश्मीर में चाहे कितने भी आतंकवादियों को मार गिराओ, परंतु पाकिस्तान में उनकी निर्मिति का कारखाना शुरू ही रहने के कारण, कश्मीर का आतंकवाद पाक को नष्ट किए बिना समाप्त नहीं होगा, यही वास्तविकता है !

‘खालिस्तान के लिए होनेवाले जनमत संग्रह को समर्थन करें !’

प्रतिबंधित संगठन की कार्यवाही चलते रहना, यह सरकारी तंत्र के लिए लज्जास्पद ! ऐसे संगठनों को जड से नष्ट करने के लिए सरकार को कठोर कदम उठाना आवश्यक है !

कश्मीर में ३ आतंकवादी मारे गए

कुपवाड के जुमागुंड गांव मे घुसखोरी करने का प्रयत्न कर रहे ३ आतंकवादियों को सुरक्षाबलोंने मार गिराया । ये तीनों आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी थे । इसके पूर्व २५ मई के दिन जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादी मारे गए थे ।

बारामूला में 3 पाकिस्तानी आतंकी ढेर

सुरक्षा बलों ने यहां एक झड़प में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों को ढेर कर दिया । इस दौरान एक पुलिसकर्मी को वीरगति मिली । मारे गए आतंकियों के पास से हथियार मिले हैं ।

‘तीर्थयात्री कश्मीर मुद्दे में भाग नहीं लेते, तब तक तीर्थयात्रा सुरक्षित है !’

कश्मीर के सन्दर्भ में तीर्थयात्रियों को क्या करना चाहिए और क्या नहीं यह निश्चित करनेवाले आतंकवादी कौन होते हैं ? कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और प्रत्येक हिन्दू को इस पर बोलने का अधिकार है !

आतंकवादियों के साथ संबंध होने के आरोप में कश्मीर विश्वविद्यालय के १५ प्राध्यापक निलंबित !

जहां प्राध्यापक ही आतंकवाद का प्रसार करने में सहभागी हों, वहां विद्यार्थियों को क्या सिखाया जाता होगा, यह अलग से बताने की आवश्यकता नहीं ! ऐसे सभी लोगों पर कठोर से कठोर कार्रवाई होना चाहिए !

‘कश्मीर छोडें, अन्यथा मरने को तैयार रहें !’

वर्ष १९८९ के बाद आज भी कश्मीर में हिन्दुओं को ऐसी धमकियां मिल रही हैं, यह अभी तक की सभी पार्टियों की सरकारों के लिए लज्जास्पद !

पेशावर में २ सिख व्यापारियों की हत्या !

हमेशा पाक के तलवे चाटकर भारत का विरोध करनेवाले खालिस्तानवादी पाक में सिखों की बार-बार होनेवाली हत्याओं के संबंध में चुप बैठते हैं ! इससे ऐसे लोगों को सिखों से कितना प्रेम है, यह उजागर होता है !