भिवानी (हरियाणा) में भूस्खलन में दो लोगों की मृत्यु

भिवानी जिले में भूस्खलन के कारण २ लोगों की मृत्यु हो गई है । भूस्खलन में १० वाहन दबने के साथ लगभग २० लोगों के दबे होने की संभावना व्यक्त की जा रही है । डाडम खदान क्षेत्र के पहाड का बडा हिस्सा खिसकने से यह घटना हुई ।

विवाह के लिए माता-पिता की सहमति के बिना घर छोडने वाली युवतियों की हत्या होती है अथवा उन्हें वेश्यावृत्ति में धकेल दिया जाता है ! – बिहार के पुलिस महानिदेशक एस के सिंघल

‘आज युवतियों विवाह के लिए बिना माता-पिता की सहमति के घर से निकल रही हैं, जिसके दुखद परिणाम दिखाई देते हैं । इनमें से अनेक युवतियों की हत्या कर दी जाती है, तथा अनेकों को वेश्यावृत्ति में धकेल दिया जाता है । ऐसा वक्तव्य बिहार के पुलिस महानिदेशक एसके सिंघल ने किया है

उत्तर कोरिया में पूर्व प्रमुख की पुण्यतिथि के उपलक्ष में हंसना, प्रसन्न रहना आदि अनेक कृतियों पर ११ दिनों का प्रतिबंध

तानाशाही कैसी होती है, वर्तमान पीढी को झलक दिखाने वाली घटना ! हिन्दुओं के प्राचीन इतिहास में इस प्रकार के शासनकर्ता कभी भी नहीं हुए, यह ध्यान दें !

युवती के विवाह की उम्र १८ से २१ करने के प्रस्ताव को केंद्रीय मंत्रीमंडल की सहमति

मतदाता पहचान पत्र को आधार कार्ड से जोडने को भी सहमति

अररिया (बिहार) के जिला न्यायालय ने एक ही दिन में सुनवाई कर बलात्कारी को आजीवन कारावास का दंड सुनाया !

जनता को ऐसा लगता है कि न्यायालयों को इसी प्रकार तीव्रगति से कार्य करना चाहिए !

उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन लापता होती हैं ३ लडकियां !

इस प्रकार लडकियों के लापता होते हुए भी राज्य की पुलिस युद्धस्तर पर ऐसी घटनाओं को रोकने हेतु अथवा लापता लडकियों को खोजने हेतु प्रयास नहीं करते, यह लज्जाप्रद है !

आगरा के ‘मुघल रोड’ का ‘महाराजा अग्रसेन मार्ग’ में नामांतरण !

इसके साथ ही ‘सुल्तानगंज की पुलिया’ क्षेत्र का नाम बदलकर अब ‘विकल चौक’ किया गया है ।

तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश की ८३.३ प्रतिशत महिलाओं को अपने पति द्वारा की जाने वाली मारपीट उचित लगती है !

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण का निष्कर्ष !

बिहार, देश का सर्वाधिक दरिद्र राज्य है !

स्वतंत्रता के ७४ वर्षों के पश्चात भी, बिहार जैसे राज्य में आधी से अधिक जनसंख्या दरिद्र है, यह अब तक के सर्वदलीय शासकों के लिए लज्जाजनक है !

धर्मांतरण के पश्चात भी व्यक्ति की जाति वही रहती है ! – मद्रास उच्च न्यायालय

परंतु, धर्मांतरण के पश्चात, जाति के अनुसार आरक्षण देना न्यायालय ने अस्वीकार किया !