जम्मू-कश्मीर स्थित रोहिंग्या तथा बांग्लादेशी घुसपैठियों के संदर्भ में ठोस नीति निश्चित करें !
न्यायालय को यह क्यों बताना पडता है? घुसपैठियों की समस्या अनेक वर्ष पुरानी होते हुए भी राज्य प्रशासन द्वारा ठोस नीति अपनाकर अबतक उन्हें देश निकाला क्यों नहीं दिया गया ?