संतों की चेतावनी के पश्चात ताजमहल स्थित आर्ट गैलरी में शौचालय के निकट लगा भगवान श्रीकृष्ण का चित्र हटाया गया !

ताजमहल के ‘रायल गेट’ स्थित एक आर्टगैलरी के शौचालय के निकट लगा भगवान श्रीकृष्ण का चित्र हटाया गया है । संत मत्स्येंद्र गोस्वामीजी की मांग के पश्चात उसे हटाया गया । चित्र न हटाने पर उन्होंने भूख हडताल करने की चेतावनी देते हुए एक वीडियो प्रसारित कर यह मांग की थी ।

मंदिर और संतों के अपमान के विरोध में रायपुर (छत्तीसगढ) में संतों का आज आंदोलन

छत्तीसगढ में कांग्रेस की सरकार होने से हिन्दुओं के मंदिर और संतों का अपमान हो रहा है । ‘कांग्रेस का राज्य, अर्थात पाकिस्तानी शासन’ यही इससे स्पष्ट होता है ! 
संतों को आंदोलन करना पडता है ? सरकार और पुलिस स्वयं से कार्यवाही क्यों नहीं करती ?

मध्य प्रदेश कांग्रेस विधायक ने पर्यवेक्षक को जूतों से मारा

जिले में थांदला के कांग्रेस विधायक वीर सिंह भूरिया ने एक पर्यवेक्षक को जूतों से मारा । सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित एक वीडियो से यह घटना सामने आई ।

‘पीएफआई’ और ‘सीएफआई’ इन दोनों संगठनों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए ! – असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा

असम सरकार का मत है कि पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और कैम्पस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई), इन दोनों संगठनों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए । असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा, ‘‘मुझे आशा और विश्वास है कि भारत सरकार राज्य सरकार की विनती पर योग्य विचार करेगी ।’’

मुसलमानों के प्रवेश पर रोक लगाकर शिवलिंग की पूजा की अनुमति दे !

विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह बिसेन की पत्नी किरण सिंह ने २५ मई को यहां दीवानी न्यायालय में एक नया मामला दायर किया है ।

जालौन (उत्तरप्रदेश) यहां कुछ अज्ञात लोगों ने शौचालयों को दिए मुगल आक्रामकों के नाम !

कुछ अज्ञात लोगों ने यहां के ७ सार्वनजिक शौचालयों को मुहम्मद खिलजी, गजनी, हुमायूं, अकबर, औरंगजेब आदि मुगल आक्रामकों के नाम दिए हैं ।

वजूखाने की गहराई में स्वयंभू शिवलिंग होने से उसकी पूजा करने की अनुमति दें ! – काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंतों की मांग

ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वेक्षण में वजूखाने में (नमाज के पहले हाथ-पांव धोने का स्थान) शिवलिंग मिलने के बाद अब काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने ‘वजूखाने की गहराई में शिवलिंग है’, ऐसा दावा किया है ।

मध्यप्रदेश के सुराणा परिवार ने ११ करोड रुपयों की संपत्ति दान कर लिया संन्यास !

व्यवहार की मर्यादा ध्यान में आने पर अध्यात्म को आत्मसात करने का यह एक और उदाहरण ! ऐसे असंख्य उदाहरणों के कारण ही उन बुद्धि प्रमाणवादियों पर तरस आता है जिन्हें बुद्धि और उससे मिलनेवाला सुख ही सर्वश्रेष्ठ लगता है !

रास्तों के बीचोंबीच मजारें बनाई जाएंगी, तो सभ्य समाज वहां कैसे रहेगा ?

न्यायालय को सरकार के कान ऐंठने के साथ ऐसे निर्माण कार्य को सहमति देनेवालों पर भी कार्यवाही करनी चाहिए, ऐसी जनता की अपेक्षा है !