हिन्दुओं पर अत्याचार के विरुद्ध कराची में ३० मार्च को विधानभवन पर मोर्चा|

पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिन्दुओं के विरुद्ध लगातार बढ़ती अपहरण, धर्मांतरण, अल्पवयस्क लड़कियों का मुसलमानों से बलपूर्वक विवाह करवाया जाना आदि घटनाओं को देखते हुए आगामी ३० मार्च को वहां के हिन्दू नागरिक सिन्ध के विधानभवन पर मोर्चा ले जानेवाले हैं ।

पाकिस्तान, आतंकवादियों का निर्यातक ! – भारत

‘अंतर्संसदीय संघ’ में पहले बोलते समय पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने कश्मीर का उल्लेख किया । उनका संबोधन समाप्त होने के उपरांत प्रति उत्तर देते समय भारत ने पाकिस्तान को ‘आतंकवादियों का निर्यातक’, ऐसा संबोधित किया ।

पाकिस्तान के सिंध प्रांत के हिन्दुओं को पानी की आपूर्ति करने से मना कर दिया !

पाकिस्तान में असुरक्षित हिन्दू ! भारत के अल्पसंख्यकों पर कथित अन्याय होने पर आकाश-पाताल एक करनेवाले अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों को अब हिन्दुओं को पानी जैसी मूलभूत सुविधा की भी आपूर्ति न करनेवाले पाकिस्तान की अमानवीयता दिखाई नहीं देती अथवा जानबूझकर उसकी अनदेखी कर रहे हैं ?

प्रगति के लिए जनसंख्या नियंत्रण अत्यावश्यक ! – पाकिस्तान के पूर्व वित्त मंत्री

उन्होने कहा की, बढ़ती जनसंख्या के कारण पाकिस्तान मानव विकास सूचकांक में सबसे निम्न स्तर पर है। पाकिस्तान को सतत और तीव्र विकास के लिए अपनी जनसंख्या को नियंत्रित करना होगा।

(और इनकी सुनिए…) ‘हम गाय का दूध पीते हैं, किन्तु भारतीय पीते हैं मूत्र !’

बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद ? अगर उन्हें गोमूत्र के लाभ का ज्ञान होता तो वे ऐसा वक्तव्य कभी नहीं देते ! गोहत्या करने वालों को जब गाय के लाभ का पता चलेगा तो वे भी उसकी पूजा करने लगेंगे; किन्तु आसुरी वृत्ति के लोगों के लिए यह कदापि संभव नहीं है !

पाकिस्तान में पाठशाला के बच्चों को भारत तथा हिन्दू विरोधी शिक्षा दी जाती है !

पाकिस्तान की जनता हिन्दू तथा भारत विरोधी होने का यह एक महत्त्वपूर्ण कारण है । पाकिस्तान से मित्रता करने की इच्छा रखनेवाले भारत के पाकिस्तान प्रेमियों को इस विषय में क्या कहना है ?

(और इनकी सुनिए…) ‘सिंध की भूमि सूफी फकीरों की है!’ अत: हिन्दू यहां होली नहीं खेल सकते ! – मौलाना महमूद

सिंध, जिससे भारत जाना जाता था, आज वहां हिन्दुओं की जो स्थिति है, वह हिन्दुओं के लिए अत्यंत लज्जास्पद है ! इस स्थिति में परिवर्तन करने के लिए हिन्दू राष्ट्र के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं है !

पाकिस्तान की ‘नेशनल डे परेड’ पर विकट आर्थिक स्थिति की छाया !

पाकिस्तान सरकार ने २३ मार्च को मनाई जाने वाली ‘नेशनल डे परेड’ राष्ट्रपति भवन के लॉन में आयोजित करने का निर्णय लिया है । यह परेड केवल प्रतीकात्मक होगी । इसमें किसी भी देश के मेहमान को आमंत्रित नहीं किया जाएगा ।

अच्छा अथवा बुरा आतंकवादी ऐसा भेद करना गलत !

सभी प्रकार के आतंकवादी आक्रमण, फिर वो सिख विरोधी हो, बौद्ध विरोधी हो अथवा हिन्दु विरोधी हो, विरोध करने योग्य है । अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने नई संज्ञा और गलत प्रधानता के विरोध में खडे रहने की आवश्यकता है ।