मालदीव से भारतीय सैनिक हटाए जाएंगे !
मालदीव, यह सुरक्षा की दृष्टि से भारत के लिए महत्वपूर्ण देश है । इस कारण वहां चीनी समर्थक राष्ट्रपति चुनकर आना भारत के लिए घातक है । भारत को आगे और सतर्क रहना होगा ।
मालदीव, यह सुरक्षा की दृष्टि से भारत के लिए महत्वपूर्ण देश है । इस कारण वहां चीनी समर्थक राष्ट्रपति चुनकर आना भारत के लिए घातक है । भारत को आगे और सतर्क रहना होगा ।
भारत और कनाडा के बीच खालिस्तानी आतंकवादी निज्जर की हत्या से चालू हुआ विवाद अब और एक कदम आगे गया है । भारत ने कनाडा को उसके ४१ राजनीतिक अधिकारियों को वापस बुलाने के लिए कहा है । इसके लिए १० अक्टूबर तक की समय सीमा दी गई है ।
इससे पूर्व हुए प्रदर्शन के समय खालिस्तानियों ने भवन पर लहरानेवाला भारतीय राष्ट्रध्वज हटाकर उसका अनादर किया था ।
गत कुछ वर्षों में भारत और अमेरिका निकट भले ही आए हों, तब भी अमेरिका की मूल मनोवृत्ति भारत ने पहचान ली है और अब उसे भूलना नहीं है !
भारत को अब क्रिकेट जैसे पाश्चात्त्य खेलों को महत्त्व न देकर भारतीय खेलों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए । इसके लिए खिलाडियों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भारत भी आगे चलकर प्रत्येक स्पर्धा में अधिकाधिक पदक प्राप्त करते दिखाई देगा, यह निश्चित !
पाकिस्तान ने जो बीज बोए, उसी की फसल आई है, ऐसा होते हुए भी भारत पर ऐसे बेबुनियाद आरोप करते हुए पाक को लज्जा भी नहीं आती !
किसी की हत्या करने की हमारी सरकार की नीति नहीं; लेकिन यदि कनाडा हमारे साथ कुछ जानकारी का लेनदेन करने के लिए तैयार होगा, तो हम इस पर विचार करने के लिए तैयार हैं ।
ब्रिटिश सरकार को खालिस्तानियों पर कठोर कार्यवाही करने के लिए तत्परता से कदम उठाना आवश्यक है, यही इस घटना से ध्यान में आता है !
इससे यह ध्यान में आता है कि भारत विरोधी कार्रवाइयां करने के लिए यदि अल्पसंख्यक समाज एकत्रित हों, तो भारत के सभी हिन्दुओं को संगठित होकर शीघ्रतिशीघ्र हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करनी जाहिए !
कनाडा ने आतंकवादी तथा आतंकवादी कार्रवाईयों में सहभागी लोगों का साथ दिया है । ऐसे लोगों को कनाडा में स्थान मिला है ।