सियालकोट (पाकिस्तान) में ७२ वर्षों से बंद हिन्दू मंदिर खोला गया !
मंदिर का नाम ‘शिवाला तेजा सिंह’ है । यह मंदिर खोलने के पश्चात मंदिर की शिल्पकारी देखकर श्रद्धालु चकित रह गए । यह मंदिर देखकर ‘इतना पुराना है’, ऐसा बिल्कुल नहीं लगता ।
मंदिर का नाम ‘शिवाला तेजा सिंह’ है । यह मंदिर खोलने के पश्चात मंदिर की शिल्पकारी देखकर श्रद्धालु चकित रह गए । यह मंदिर देखकर ‘इतना पुराना है’, ऐसा बिल्कुल नहीं लगता ।
आज विदेश में भौतिक सुख भले ही मिलता है, किंतु मन की शांति नहीं, यह स्पष्ट दिखाई दे देती है । नैतिकता का भी ह्रास हुआ है । ये दोनों बातें हिन्दू धर्म में हैं । भौतिक सुविधाएं निर्मित करने में भारत को अनेक वर्ष लग सकते हैैं; किंतु साधना के माध्यम से भारत विश्वगुरु हो सकता है ।
वीडिओ के माध्यम से स्वतंत्रता के उतरोत्तर काल में हिन्दुओं के विरोध में साम्यवादी तथा कथित धर्मनिरपेक्षतावादियों द्वारा रचे षडयंत्र का भांडाफोड किया जाएगा !
भारत के बाहर विश्व के सबसे बडे हिन्दू मंदिर निर्माण किया गया है । स्वामीनारायण संप्रदाय का यह मंदिर न्यू जर्सी के रॉबिंसविले शहर में है । यह मंदिर १६२ एकड भूमि पर बनाया गया है ।
जिन ऋषियों ने अपने तपोबल से विश्व-मानव पर अनंत उपकार किए हैं, मनुष्य के जीवन को उचित दिशा दी है, उन ऋषियों का इस दिन स्मरण किया जाता है ।
इसी बघनखा द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज ने उनसे धोखा करने वाले अफजलखान की आंतें बाहर निकाली थीं ।
‘खुदाई में श्री हनुमान की दो से ढाई फीट की मूर्ति मिली’, ऐसा इन संतों ने बताया । खुदाई के समय मूर्ति दिखने लगी ।
हिन्दुओं के संगठित विरोध का परिणाम !
भाग्यनगर में (हैद्राबाद) एक शास्त्रज्ञ ने खोज की, केले के पेड के तने अथवा केले के पेड मे लगे केलोंके गुच्छे के सिरे पर कमल के आकार का सिरा, पत्तों में जो चिपचिपा द्रव्य पदार्थ होता है, उसे खाने के उपरांत कर्करोग (कैंसर) बढानेवाली ग्रंथी धीरे-धीरे निष्क्रीय होती जाती है । इसलिए पुराने काल के … Read more
भारत विश्व को ज्ञान, शुद्धता, समृद्धि एवं समर्पण सिखाने में सक्षम है । हम सूर्य की पूजा करते हैं, इसलिए हमारे देश को ‘भारत’ के नाम से संबोधित किया जाता है ।