जगद्गुरु रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी महाराज की प्रेरणा से ओल्ड गोवा में ३०० परिवारों ने हिन्दू धर्म में किया पुनर्प्रवेश

ओल्ड गोवा के वायंगणी, तिसवाडी स्थित श्री देव गोवेश्वर महाशिव मंदिर के कलशारोहण एवं प्राणप्रतिष्ठा समारोह के उपलक्ष्य में १४ फरवरी को ३०० परिवारों ने हिन्दू धर्म में पुनर्प्रवेश किया । इस समारोह में पूरे देश के अनेक अखाडों के संत-महंत उपस्थित थे ।

श्रीसत्‌शक्ति (श्रीमती) बिंदा नीलेश सिंगबाळजी की अनमोल विचारसंपदा !

‘ईश्वरीय लीला जीव को जन्म एवं मृत्यु के चक्र में फंसा देती है, किंतु  केवल गुरु ही हैं जो हमें उस घोर बंधन से मुक्त होने के लिए साधना सिखाते हैं !’

Shankhnad Mahotsav Delhi : ‘दिल्ली सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ विशेषांक

पांडवों का इंद्रप्रस्थ अर्थात वर्तमान दिल्ली ! यहां संपन्न हुए धर्मतेज एवं क्षात्रतेज से युक्त ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ ने पूरे भारत में हिन्दू राष्ट्र स्थापित करने का संदेश दिया । राष्ट्र हेतु आवश्यक ३ महत्त्वपूर्ण सूत्र – संस्कृति, शौर्य एवं सुरक्षा पर इस महोत्सव में हुए विचार-मंथन ने हिन्दुओं को सक्रिय बनने की प्रेरणा दी ।

Shankhanad Mahotsav Delhi : ‘संकल्प रामराज्य का’ नामक सनातन के ग्रंथ का लोकार्पण !

‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ में सनातन के ग्रंथों का लोकार्पण !

आध्यात्मिक मित्र ‘सनातन पंचांग’ एप का अधिकाधिक प्रसार करें !

‘सनातन पंचांग’ एप २०२६ मराठी, हिन्दी, कन्नड, तेलुगु, गुजराती, तमिल और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है ।

Shankhnad Mahotsav Delhi : सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव का समापन सत्र : सनातन राष्ट्र संकल्पसभा

चरित्रवान लोग ही धर्मयुद्ध कर सकते हैं । जिनके पास चरित्र नहीं है, वे युद्ध नहीं जीत सकते । भारत के पास चरित्र होने के कारण पाकिस्तान के विरुद्ध के अनेक छोटे-बडे युद्धों में भारत को सफलता मिली । चरित्रनिर्माण सरल नहीं है तथा चरित्र का शिक्षा से कोई भी संबंध नहीं है ।

सनातन संस्था द्वारा प्रकाशित ‘सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी का जीवनचरित्र’ इस अंग्रेजी ग्रंथ का लोकार्पण !

१४ दिसंबर को महोत्सव में संपन्न हुए पहले उद्बोधन सत्र के आरंभ में सनातन संस्था द्वारा प्रकाशित अंग्रेजी भाषा के ग्रंथ ‘सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी का जीवनचरित्र’ का लोकार्पण किया गया ।

Shankhnad Mahotsav Delhi : भारत की राजधानी में सनातन राष्ट्र का शंखनाद !

द्वापरयुग में जिस कुरुक्षेत्र पर भगवान श्रीकृष्ण ने अधर्मी कौरवों का नाश कर धर्म की पुनर्स्थापना हेतु पांचजन्य शंख का नाद किया, उसी रणभूमि पर सनातन संस्कृति की रक्षा हेतु आज पुनः शंखनाद किया गया ।

Shankhnad Mahotsav Delhi : केंद्रीय राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव को देहली में आयोजित ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ का दिया गया निमंत्रण

आयुष मंत्रालय के केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), साथ ही स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव को देहली में होनेवाले ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’का निमंत्रण दिया गया ।

‘विश्वकल्याण हेतु कैसे परिश्रम करना चाहिए ?’, इसका साक्षात उदाहरण श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजली मुकुल गाडगीळजी !

‘प्रीति’ ईश्वर का स्थायीभाव है । मां जगदंबा करुणावत्सल हैं । श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी भी वैसी ही हैं । उनकी प्रीति की गहनता केवल साधकों तक सीमित नहीं है, अपितु ‘संपूर्ण विश्व को ही कैसे प्रेम दिया जा सकता है ?’, यह उनका विचार होता है ।