पीलीभीत (उत्तरप्रदेश) की दुकानों से पाकिस्तानी जिहादी संगठन ‘दावत-ए-इस्लामी’ के लिए धन इकट्ठा किया जाता है !

जिहादी संगठन के लिए भारत में इस प्रकार धन इकट्ठा किया जाता है । तब सुरक्षातंत्र को इसके विषय में कुछ भी ज्ञात न होना, लज्जाजनक ! आतंकवादी संगठन के लिए पैसे मांगनेवाले और उसके लिए पैसे देनेवाले, ऐसे सभी लोगों पर कठोर कार्रवाई होना आवश्यक !

अमरनाथ यात्रा पर आतंकवादी आक्रमण का कुचक्र विफल !

स्वतंत्रता के ७४ वर्ष बाद भी प्रतिवर्ष हिन्दू तीर्थयात्रियों को आतंकवादी इसलिए लक्ष्य बनाते हैं, क्योंकि वर्तमान शासकों ने आतंकवादियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई नहीं की है ! ये स्थिति अभी तक के सभी शासनकर्ताओं के लिए लज्जाजनक !

उदयपुर हत्याकांड में सम्मिलित थे २ मौलवी और २ अधिवक्ता !

जिहादी गतिविधियों में उच्च शिक्षित अधिवक्ताओं की भागीदारी को देखते हुए ´´ मुसलमानों को मुख्यधारा में लाकर ही उनकी, अपराधों में हो रही वृद्धि को कम किया जा सकता है? ऎसा तर्क देने वालों का अब क्या कहना है ?

‘हमारे संगठन का किसी आतंकवादी कृत्य से कोई लेना-देना नहीं है!’ – दावत-ए-इस्लामी का दावा

पहले ही यह उजागर हो चुका है, कि इसी संगठन का एक विद्यार्थी फ्रांस में पत्रिका ‘चार्ली हेब्दो’ के कार्यालय पर हुए आक्रमण  में सम्मिलित था। इस दावे पर कौन विश्वास करेगा ? जब यह स्पष्ट हो चुका है  कि कन्हैयालाल के दोनों  हत्यारे कुछ दिनों के प्रशिक्षण के लिए कराची में इसी  संगठन के मुख्यालय में  गए थे ?

ट्विटर ने भारत में खालिस्तान समर्थकों के खातों पर प्रतिबंध लगाया

केंद्र सरकार के अनुरोध के बाद ट्विटर ने भारत में खालिस्तानी आतंकवादियों, पाकिस्तान के आई.एस.आई से जुड़े खातों और आतंकवादी खातों पर प्रतिबंध लगा दिया है।

नौकरी के नाम पर कुवैत में केरल की दो महिलाओं को बेचा

भारत से इस्लामी देशों में काम के लिए गए नागरिकों को सताया जाता है, यह नया नहीं है । इस विषय में भारत सरकार को कठोर कदम उठाकर उनकी रक्षा करनी चाहिए !

जम्मू-कश्मीर में तीन जिहादी आतंकवादियों को बंदी बनाया गया ।

बडगाम (जम्मू-कश्मीर) – सैनिकों ने यहां लश्कर-ए-तैयबा के तीन जिहादी आतंकियों को बंदी बनाया है । उनके नाम आशिक हुसैन हाजम गुलाम, मोही दीन डार और ताहिर बिन अहमद हैं । इनके पास से भारी मात्रा में हथियार जब्त किए गए हैं। इसमें एक चीनी निर्मित पिस्तौल, दो कारतूस, २२भारतीय निर्मित बंदूकें, एक मैगजीन, एक … Read more

हम अब अफगानिस्तान में नहीं रहना चाहते !

पाक-प्रेमी खालिस्तानवादी अब क्यों नहीं बोलते ? भारत में अराजकता निर्माण करनेवाले सिख क्यों नहीं बोलते हैं ?

संपूर्ण अफगानिस्तान में अब केवल २० सिख परिवार शेष !

तालिबानी सत्ता आने के उपरांत संपूर्ण अफगानिस्तान में अब सिखों के केवल २० परिवार शेष हैं, सिख समाज के नेताओं ने ऐसी जानकारी दी ।

काबुल में गुरुद्वारे पर इस्लामिक स्टेट का आक्रमण : २ सुरक्षा गार्ड मारे गए

काबुल (अफगानिस्तान) – काबुल स्थित कर्ता परवन गुरुद्वारा पर इस्लामिक स्टेट के आतंकियों ने आक्रमण किया । दो अफगान नागरिक मारे गए और तीन तालिबानी घायल हो गए । बताया जाता है कि वे यहां सुरक्षा रक्षक ते । यहां बमबारी हुई थी । कहा जाता है कि इस समय इस गुरुद्वारे में २५ से … Read more