स्वतंत्रता के दिन उत्तरप्रदेश के लक्ष्मणपुरी और प्रयागराज में हिंसाचार !

देश के ७४ वें स्वतंत्रतादिवस पर यहां के बंगला बाजार भाग में कुछ लोगों ने तिरंगा शोभायात्रा निकाली थी । इस समय उनका दूसरे गुट से वाद-विवाद होने लगा ।

‘यदि हमने इस प्रकार (वन्दे मातरम्) नहीं कहा, तो क्या हमें कारागृह में डालेंगे ?’

जिन क्रांतिकारियाें ने ‘वन्दे मातरम्’ का उद्घोष करते हुए भारत को स्वतंत्रता प्राप्त करवाई, उसी भारत में रह कर ‘वन्दे मातरम्’ नहीं कहूंगा’, ऐसी उद्दंडता दिखानेवाले लोगों को क्या भारत में रहने का अधिकार है ?

ऑस्ट्रेलियाई राज्य, साउथ वेल्स और विक्टोरिया ने नाजी प्रतीकों पर प्रतिबंध लगाए !

साउथ वेल्स और विक्टोरिया इन २ ऑस्ट्रेलियाई राज्यों में नाजी ‘हैकेनक्रेज’ प्रतीक पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इन राज्यों में किसी भी प्रकार से नाजी प्रतीकों को प्रदर्शित करना अपराध होगा;

 जालोर (राजस्थान) में भगवा ध्वज फाड कर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ की घोषणा करनेवाले तीन धर्मांधों को बंदी बनाया गया ।

कांग्रेस के राज्य में धर्मांधों का बढता देशद्रोह ! कांग्रेस की सरकार अर्थात पाकिस्तानी शासन !

खंडवा (मध्य प्रदेश) में मोहरम के जुलूस में पुलिस की उपस्थिति में ‘सर तन से जुदा’ की घोषणा !

गांव-गांव में ऐसी घोषणाएं दी जाना, यह स्थिति दर्शाती है कि ‘आनेवाला समय हिन्दुओं के लिए कठिन है’ !

चुनावों में बिनामूल्य बस्तु देने का आश्वासन देना यह गंभीर बात ! – उच्चतम न्यायालय

चुनाव आयोग को अब ऐसे आश्वासन देने पर प्रतिबंध लगाना चाहिए !

जाली कागजपत्रों द्वारा ४०० करोड की भूमि पर कब्जा किया !

इतनी बडी मात्रा में घोटाला होने तक प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और पुलिस सो रही थी क्या ?

‘भजन गाना शरीयत के विरुद्ध !’

‘यू-ट्यूब’ की गायिका फरमानी नाज ने कावड यात्रा के लिए भगवान शिव का ‘हर हर शंभू’ यह भजन गाने से देवबंद के उलेमा ने आलोचना करते हुए कहा कि यह शरीयत के विरुद्ध है ।

ज्ञानवापी परिवाद में मुसलमानों के पक्ष में लडनेवाले अधिवक्ता अभयनाथ यादव की मृत्यु

ज्ञानवापी घटना में राखी सिंह की याचिका पर दिवानी न्यायालय में चल रही सुनवाई में अधिवक्ता अभयनाथ यादव मुसलमानों का पक्ष प्रस्तुत कर रहे थे । आयोग का कृति ब्यौरा स्पष्ट होने के पश्चात उन्होंने आपत्ति व्यक्त की थी ।

ईश्वर ने हमें स्वतंत्रता की ७५वीं वर्षगांठ का साक्षी होने का सौभाग्य दिया है ! – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

भारत की स्वतंत्रता को ७५ वर्ष पूर्ण होनेवाले हैं । हम सभी इस अद्भुत और ऐतिहासिक क्षण के साक्षी होने जा रहे हैं । भगवान ने हमें बहुत बड़ा भाग्य दिया है । यदि  हम नें दासत्व के समय जन्म लिया होता तो यह दिन हमारे लिए कैसा होता इसकी कल्पना करना भी कठिन है ।