ध्वनिक्षेपक पर अजान दिए जाने का प्रकरण !

बेंगळुरू – कर्नाटक उच्च न्यायालय ने मस्जिदों को ध्वनिक्षेपक पर अजान देना बंद करने का आदेश देना अमान्य करते हुए कहा कि इससे अन्य धर्मियों के मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन नहीं होता; परंतु न्यायालय ने अधिकारियों को ध्वनिक्षेपक से संबंधित ध्वनिप्रदूषण नियमों का पालन करने और अपना ब्योरा (रिपोर्ट) देने का निर्देश दिया है ।
Karnataka: High Court dismisses PIL saying that words of Azan like ‘Allah-hu-Akbar’ violate fundamental rights of other religions https://t.co/d8Qcqp1Kms
— OpIndia.com (@OpIndia_com) August 23, 2022
बेंगळुरू निवासी मंजुनाथ एस्. हलावर ने प्रविष्ट की हुई याचिका पर उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई । इस याचिका में कहा गया था कि यद्यपि अजान देना मुसलमानों की एक आवश्यक धार्मिक प्रथा है, परंतु अजान की आवाज अन्य धर्मियों के लिए कष्टदायक है । न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है, ‘भारत के संविधान के अनुच्छेद २५ और २६ सहिष्णुता के सिद्धांत का समावेश है, जो भारतीय सभ्यता की विशेषता है । संविधान के अनुच्छेद २५ (१) में लोगों को उनका धर्म स्वीकारने और प्रचार करने का मूलभूत अधिकार दिया
संपादकीय भूमिकाऐसा निर्देश न्यायालय को क्यों देना पडता है ? क्या प्रशासन एवं पुलिस यंत्रणा सो रही है ? |
इस्लामिक स्टेट की सहायता करने वाले राकिब अंसारी को ५ वर्ष के कारावास का दंड।
Telangana School Kalma Controversy : भाग्यनगर (तेलंगाना) में हिन्दू छात्र को गृहकार्य में ‘कलमा’ याद करने के लिए कहने वाली शिक्षिका को विद्यालय ने नौकरी से निकाला ।
Ayushman Bharat Yojana : ‘आयुष्मान भारत योजना’ के अंतर्गत १० लाख रुपये तक निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने की संसदीय समिति की अनुशंसा
राजस्थान के कारागृह में आजीवन कारावास का दंड भुगत रहे २ बंदियों का २२ जुलाई को विवाह होगा
CM Dr. Mohan Yadav : प्रभु श्रीरामचंद्रजी ने एक विवाह किया, तो रहीम से भी वही अपेक्षा !
थूकने वालों से अब ढाई सहस्र रुपये दंड वसूल करें ! – मुंबई उच्च न्यायालय