Ram Mandir Dhwajarohan : ५०० वर्ष पुराने यज्ञ की पूर्णाहुति ! – प्रधानमंत्री मोदी
अयोध्या में श्रीराम मंदिर पर ध्वजारोहण !
अयोध्या में श्रीराम मंदिर पर ध्वजारोहण !
ऐसे कितने भी फलक लगाए जाएं, परंतु धर्मांधों को यह याद रखना चाहिए कि बाबरी के नाम पर कोई भी भवन फिर से देश में खडा नहीं हो सकता !
मंदिरों की यात्रा करने के उपरांत भक्त एवं श्रद्धालु परिवार के साथ आस-पास के स्थानों पर भी घूमने जाते हैं । वे वहां ठहरते हैं । परिणामस्वरूप पर्यटन उद्योग भी स्वतः ही बढने लगता है ।
शिखर स्थापना के अनुष्ठान तीन जून से प्रारंभ होंगे ।
अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण हुआ । पूरे देश में उसका आनंदोत्सव मनाया गया; परंतु उसके लिए अनेक लोगों को संघर्ष करना पडा । उसमें श्रीराम मंदिर की न्यायालयीन लडाई में विजय प्राप्त कराने में प्रखर धर्माभिमानी पू. अधिवक्ता हरि शंकर जैनजी का बडा योगदान है ।
ऐसा तो कोई संत या शासक ही कह सकता है जो सन्यासी हो, किसी अन्य में ऐसी धमक कहां ! यदि ऐसे संत-राजा सर्वत्र सिंहासनारूढ हो जाएं तो इस देश में रामराज्य निश्चित आ जाएगा !
अयोध्या के श्रीराम मंदिर में विशेष दर्पण और अन्य उपकरणों का उपयोग करके श्री रामलला की मूर्ति के मस्तक पर सूर्य की किरणें पडने के लिए एक विशेष व्यवस्था तैयार की गई है। श्री रामलला के मस्तक पर लगभग ३–४ मिनट तक सूर्य की किरणें पड़ेंगी।
गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते और फरीदाबाद विशेष कार्रवाई बल ने संयुक्त अभियान में अब्दुल रहमान (१९ वर्ष) को गिरफ्तार किया । वह जिहादी आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट से जुड़ा हुआ है । वह अयोध्या का निवासी है ।
कर्नाटक राज्य के गदग जिले के नरगुंद निवासी हासिमसाब अक्षरसाब काजी ने राममंदिर के छायाचित्र पर अनादरयुक्त विवरण लिखकर सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित किया था ।
उनकी आयु ८५ वर्ष थीं । ‘स्ट्रोक’ आने से उन्हें ३ फरवरी को चिकित्सालय में भर्ती किया गया था ।