जिन्हें सिखों के प्रति प्रेम लगता है, ऐसे मुसलमान अमृतसर को चलते बनें !
इस वक्तव्य पर खालिस्तानी चुप क्यों ?
इस वक्तव्य पर खालिस्तानी चुप क्यों ?
पाकिस्तान से इतना लगाव रखनेवालों को सरकार पाकिस्तान क्यों नहीं भेज देती ?
हिन्दुओं के केवळ ‘हिन्दू राष्ट्र’ बोलने पर, ‘लोकतंत्र संकट में पड गया’ ऐसे चिल्लानेवाले पुरोगामी, साम्यवादी, कांग्रेसवाले आदि अब जब एक धर्मांध ने गोवा के भाग को ‘मुसलसान गली’ कहा, तो चुप्पी क्यों साधे हैं ?
भारत सरकार आर्थिक संकट में फंसे पाकिस्तान को २५-५० लाख टन गेहूं भेजकर पड़ोस धर्म निभाए, यह सलाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहसरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने केंद्र सरकार को दी है ।
बार-बार ऐसे दिशाहीन सूत्र रखकर महासभा का अनमोल समय व्यर्थ करने को लेकर पाकिस्तान को सभा से निकालने के लिए भारत ने संयुक्त राष्ट्र पर दबाव बनाना चाहिए !
भारत में हिन्दुओं के मंदिर गिराकर मस्जिदें बनाने का काम चल रहा है, तो पाकिस्तान में मंदिरों का प्रयोग गोदाम के रूप में किया जा रहा है ! देश-विदेशों में हो रही हिन्दुओं के मंदिरों की विडंबना रोकने के लिए सरकार क्या कदम उठाएगी ?
चीन का यही इतिहास है । इसलिए पाकिस्तान को दिए गए हथियारों में इससे हटकर और क्या होगा ? क्या पाकिस्तान में इतना साहस है कि वह चीन से इसका कारण पूछे ?
पाकिस्तान के राजनीतिज्ञ, सेना, कलाकार, उद्योगपति तथा सामान्य जनता भारत से द्वेष करती है । हाथ की उंगली पर गिनती की जा सके, वहां उतने ही लोग भारत के प्रति अच्छा मत रखते होंगे । इसलिए ऐसा कहना हास्यास्पद है !
पाकिस्तान को उनके देश में जाकर इस प्रकार उन्हें लताडनेवाले जावद अख्तर का अभिनंदन ! परंतु इससे मोटी चमडी वाले पाकिस्तान पर कुछ भी परिणाम होने की संभावना नहीं है; भारत में एक तथाकथित निधर्मीवादी मुसलमान पाकिस्तान में जाकर पाकिस्तान को सुनाता है, इसकी प्रशंसा करनी ही होगी !