भारत ने अफगानिस्तान में भेजा ५० सहस्र मेट्रिक टन अनाज एवं २०० टन औषधियां !

भारत एक हिन्दू बहुसंख्यक देश है एवं वह मुसलमान बहुसंख्यक देश अफगानिस्तान की सहायता कर रहा है; परंतु इस देश में कितने हिन्दू शेष हैं ?

ब्रिटेन के भारतीय दूतावास पर आक्रमण करनेवाले १९ खालिस्तानियों को पहचान लिया गया है !

राष्ट्रीय जांच एजेंसी दल कनाडा जाएगा !

(और इनकी सुनिए…) ‘कनाडा में भारतीय दूतावास बंद करें !’ – कनाडा के खालिस्तानियों की मांग

ऐसी मांग को कोई भीख डालेगा क्या ? कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इन खालिस्तानियों पर कार्यवाही कर ‘वे इस विषय पर गंभीर हैं’, यह दिखा देना चाहिए !

चीन ने भारत की एक इंच भी भूमि नहीं हडपी है ! – लद्दाख के उपराज्यपाल

हमारी एक इंच भी भूमि चीन ने नहीं हडपी । वर्ष १९६२ में जो हुआ, उस विषय में बोलना निरर्थक है; परंतु अब आखिरी इंच तक हमारा भूभाग हमारे ही अधिकार में है, ऐसा भी उन्होंने स्पष्ट किया ।

चंद्रमा और सूर्य मुहिम के उपरांत भारत अब समुद्र में भेजने वाला है ‘समुद्रयान’ !

सामान्यतः पनडुब्बी केवल ३०० से ४०० मीटर तक जाती है । समुद्रयान समुद्र की गहराई में गैस, कोबाल्ट क्रस्ट जैसे संसाधनों की खोज करने के लिए भेजा जा रहा है ।

वर्ष २००६ में सचिन तेंदुलकर को जान से मारने का प्रयास किया था !

क्रिक्रेट जिहाद करनेवाले पाकिस्तान से क्रिकेट खेलना है अथवा नहीं, भारत कब ऐसा निर्णय लेगा ? भारत को पाकिस्तान के साथ खेलने का विरोध करनेवाले राष्ट्रप्रेमियों की आलोचना करनेवाले अब चुप क्यों हैं ?

(और इनकी सुनिए …) ‘भविष्य में भारत में हिन्दु धर्म नहीं रहेगा !’ – आयआयटी देहली की प्राध्यापिका दिव्या द्विवेदी

यह पृथकता से कहने की आवश्यकता नहीं है कि ऐसी द्वेषी प्राचार्या छात्रों को क्या सिखाती होगी ? शासन को ऐसे लोगों पर कार्यवाही करनी चाहिए !

(और इनकी सुनिए…) ‘घोषणापत्र’ में गर्व करने जैसा कुछ भी नहीं ! – यूक्रेन

‘जी-२०’ परिषद के घोषणा पत्र में यूक्रेन युद्ध में रूस का उल्लेख टाले जाने से यूक्रेन की टिप्पणी

‘अंतरराष्ट्रीय आर्थिक महामार्ग’ यह इतिहास का सबसे बडा प्रकल्प ! – इसराइल

इस आर्थिक महामार्ग को चीन के ‘वन बेल्ट वन रोड’ योजना के प्रत्युत्तर के रूप में देखा जा रहा है ।

‘जी-२०’ करोडों भारतीयों की परिषद ! – प्रधानमंत्री मोदी

भारत में ‘जी-२०’ जनता की परिषद बनी है । करोडों भारतीय इस परिषद से जुडे हैं ।, ऐसा प्रधानमंत्री मोदी ने परिषद के उद्घाटन के समय अध्यक्ष के रूप में किए भाषण में बताया ।